ब्रेकिंग
मुर्गियों से भरी पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे बीयर, पुलिस ने खोला तस्करी का राज; 5 गिरफ्तार, स्कॉर्पियो भी जब्त‘पहले पंखा-पानी चाहिए’… गया में स्कूल के बच्चों ने SDM ऑफिस पहुंचकर खोली बदहाल व्यवस्था की पोल, 7 दिन में सुधार का अल्टीमेटमBihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट! STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, जांच में सरेंडर के बाद गोली मारने का दावाBankipur By Election 2026: बांकीपुर में वोटिंग ने तोड़ा 16 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 34.30% मतदान; किसे होगा फायदा?Bihar Rain Alert: आज इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, घर से निकलने से पहले पढ़ें मौसम अपडेटमुर्गियों से भरी पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे बीयर, पुलिस ने खोला तस्करी का राज; 5 गिरफ्तार, स्कॉर्पियो भी जब्त‘पहले पंखा-पानी चाहिए’… गया में स्कूल के बच्चों ने SDM ऑफिस पहुंचकर खोली बदहाल व्यवस्था की पोल, 7 दिन में सुधार का अल्टीमेटमBihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट! STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, जांच में सरेंडर के बाद गोली मारने का दावाBankipur By Election 2026: बांकीपुर में वोटिंग ने तोड़ा 16 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 34.30% मतदान; किसे होगा फायदा?Bihar Rain Alert: आज इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, घर से निकलने से पहले पढ़ें मौसम अपडेट

‘पहले पंखा-पानी चाहिए’… गया में स्कूल के बच्चों ने SDM ऑफिस पहुंचकर खोली बदहाल व्यवस्था की पोल, 7 दिन में सुधार का अल्टीमेटम

Bihar News: गया के टिकारी अनुमंडल में एक सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था से परेशान छात्र-छात्राओं ने ऐसा कदम उठाया, जिसने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शिकायत के बाद अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया और कई अहम निर्देश जारी किए। आखिर बच्चों...

‘पहले पंखा-पानी चाहिए’… गया में स्कूल के बच्चों ने SDM ऑफिस पहुंचकर खोली बदहाल व्यवस्था की पोल, 7 दिन में सुधार का अल्टीमेटम
Ramakant kumar
5 मिनट

Bihar News: गया के टिकारी अनुमंडल में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था से परेशान 40 से अधिक छात्र-छात्राएं मंगलवार को हाथों में आवेदन लेकर सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गए. बच्चों ने स्कूल में महीनों से खराब पड़े पंखे, पेयजल की समस्या, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और टूटे बेंच-डेस्क समेत कई समस्याओं की शिकायत प्रशासन से की. बच्चों के अचानक अनुमंडल कार्यालय पहुंचने से वहां कुछ देर के लिए हलचल मच गई.


मामला टिकारी अनुमंडल क्षेत्र के सिमुआरा मिडिल स्कूल का है. छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है. कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बच्चों ने खुद प्रशासन के पास पहुंचकर अपनी बात रखने का फैसला किया.


मंगलवार को 40 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल की समस्याओं को लेकर टिकारी अनुमंडल कार्यालय पहुंच गए. बच्चों ने हाथों में आवेदन लेकर विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों को दी. इस दौरान उन्होंने स्कूल की समस्याओं को लेकर नारेबाजी भी की.


उस समय एसडीएम प्रवीण कुंदन सरकारी कार्य से बाहर गए हुए थे. छात्रों की शिकायत सुनने के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी रंजीत कुमार सिंह को भेजा गया, लेकिन बच्चे एसडीएम से ही मिलने की मांग पर अड़े रहे. बाद में गुरारू से लौटने के बाद एसडीएम ने खुद बच्चों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं.


छात्रों ने एसडीएम को बताया कि विद्यालय में कई महीनों से अधिकांश पंखे खराब पड़े हैं. गर्मी के बीच कक्षाओं में पंखे नहीं चलने से बच्चों को परेशानी होती है. पेयजल के लिए लगा चापाकल भी ठीक से काम नहीं करता है.


बच्चों ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की. इसके अलावा कई बेंच-डेस्क टूटे होने और कक्षाओं में पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की बात कही. छात्रों का कहना था कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ.


छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम प्रवीण कुंदन ने तत्काल जांच समिति गठित की. समिति को चार दिनों के भीतर विद्यालय की समस्याओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.


इधर, बच्चों की शिकायत जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर तक भी पहुंची. डीएम के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग की टीम बुधवार को स्कूल पहुंची और विद्यालय का औचक निरीक्षण किया.


डीपीओ नित्यम कुमार गौरव और बीईओ अभय कुमार रमण ने विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया. अधिकारियों ने स्कूल में साफ-सफाई, मध्याह्न भोजन, पेयजल, शौचालय, बिजली, कक्षा संचालन और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की.


निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से भी सीधे बातचीत की. बच्चों से पठन-पाठन, मध्याह्न भोजन, पेयजल, शौचालय, बिजली और कक्षा संचालन को लेकर सवाल पूछे गए. अधिकारियों ने अलग-अलग कक्षाओं में जाकर शिक्षण व्यवस्था का भी आकलन किया.


जांच टीम ने विद्यालय के अभिलेखों, उपस्थिति पंजी और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी खंगाला. अधिकारियों ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं और उनके संचालन की स्थिति की जानकारी ली.


निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने के बाद प्रधानाध्यापक को सात दिनों के भीतर विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार करने का निर्देश दिया गया.


शिक्षा विभाग की टीम ने प्रधानाध्यापक को सभी कक्षाओं और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसके साथ ही जरूरी मरम्मत कार्य पूरा कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने को कहा गया.


सभी कक्षाओं में सुरक्षित विद्युत वायरिंग कराने, खराब पंखों की मरम्मत या जरूरत के अनुसार नए पंखे लगाने, निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित करने और शिक्षकों को प्रतिदिन पाठ्य-टीका तैयार कर उसका संधारण करने का निर्देश भी दिया गया.


डीपीओ नित्यम कुमार गौरव ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. विद्यालय की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा.


उन्होंने स्पष्ट किया कि सात दिनों के भीतर अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक, पदाधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.