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जर्मनी से 11 विदेशी महिलाएं पहुंची गया, पूर्वजों के मोक्ष के लिए फल्गु के तट पर किया पिंडदान

GAYA: सनातन धर्म में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के लिए पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व होता है। खासकर बिहार के मोक्ष नगरी गया जी में पिंडदान करना बहुत ही खास माना जाता है। देश विदे

जर्मनी से 11 विदेशी महिलाएं पहुंची गया, पूर्वजों के मोक्ष के लिए फल्गु के तट पर किया पिंडदान
Mukesh Srivastava
2 मिनट

GAYA: सनातन धर्म में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के लिए पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व होता है। खासकर बिहार के मोक्ष नगरी गया जी में पिंडदान करना बहुत ही खास माना जाता है। देश विदेश से हजारों की संख्या में लोग गया पहुंच रहे हैं और अपने पितरों के मोक्ष के लिए पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं। गया जी में पिंडदान के महत्व को अब विदेशी भी समझ चुके हैं यही वजह है कि बड़ी संख्या में वे गया पहुंचकर अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए पिंडदान कर रहे हैं। 


दरअसल, बुधवारा को विदेशी पिंडदानियों के एक दल ने गया पहुंचा और गया जी रबर डैम के पास संगत घाट पर जर्मनी से आए 12 पिंडदानियों ने अपने परिजनों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया। जर्मनी से आए विदेशी पिंडदानियों में 11 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। सभी विदेशी महिलाओं ने सनातनी परंपरा के मुताबिक साड़ी पहन कर और पूरे विधि विधान के साथ पूर्वजों के लिए कर्मकांड किया।


पिंडदान करने के बाद सभी 12 विदेशी पिंडदानी विष्णुपद मंदिर पहुंचें, जहां उन्होंने श्री विष्णुचरण पर पिंड अर्पित कर दिवंगत हो चुके अपने सगे संबंधियों के मोक्ष की कामना की। बता दें कि पिछले दिनों यूक्रेन से गया पहुंची यूलिया ने रूस के साथ युद्ध में मारे गये अपने परिजनों, सेना के जवानों और आम लोगों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया था।