ब्रेकिंग
लूट का विरोध करने पर सासाराम में आभूषण कारोबारी को मारी गोली, सूझबूझ से बचा गहनों से भरा बैगअब WhatsApp, Facebook और Instagram चलाने के लिए देने होंगे पैसे! Meta ने लॉन्च किए नए Plus प्लानविदेश भागने वाला था बिहार सरकार में टेंडर मैनेज करने वाला सबसे बड़ा दलाल: SVU ने रिशुश्री को गिरफ्तार किया, करोड़ों के जेवर और जमीन के कागजात बरामदविदेश भागने की फिराक में था रिशु श्री, कई IAS अफसरों का था करीबी, SVU ने बताया टेंडर माफिया को क्यों किया गिरफ्तार?मोतिहारी में कार से 25 लाख कैश बरामद, दो नेपाली नागरिक समेत 4 हिरासत मेंलूट का विरोध करने पर सासाराम में आभूषण कारोबारी को मारी गोली, सूझबूझ से बचा गहनों से भरा बैगअब WhatsApp, Facebook और Instagram चलाने के लिए देने होंगे पैसे! Meta ने लॉन्च किए नए Plus प्लानविदेश भागने वाला था बिहार सरकार में टेंडर मैनेज करने वाला सबसे बड़ा दलाल: SVU ने रिशुश्री को गिरफ्तार किया, करोड़ों के जेवर और जमीन के कागजात बरामदविदेश भागने की फिराक में था रिशु श्री, कई IAS अफसरों का था करीबी, SVU ने बताया टेंडर माफिया को क्यों किया गिरफ्तार?मोतिहारी में कार से 25 लाख कैश बरामद, दो नेपाली नागरिक समेत 4 हिरासत में

बिहार के हेल्थ सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर: मेडिकल कॉलेज में बुजुर्ग मरीज को नहीं मिला स्ट्रेचर, बीमार दादी को स्कूटी पर बैठाकर वार्ड से बाहर लाया पोता

Bihar News: गया के सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर पोते ने बीमार दादी को स्कूटी पर बैठाकर बाहर निकाला. इस शर्मनाक वीडियो के वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली किसी से छीपी नहीं है। आए दिन इस तरह की तस्वीरें सांने आती रही हैं जो सरकार के दावे और वादे की कहानी कहते नजर आती हैं। इसी कड़ी में मोक्ष नगरी गयाजी से एक ऐसी ही शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। मगध के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों को स्ट्रैचर तक नसीब नहीं हो रहा है और दावे तो लोगों को वर्ल्डक्लास स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के किए जाते हैं।


दरअसल, गया के सबसे बड़े अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल के वार्ड के अंदर से स्कूटी पर बैठा कर बाहर ले जाते दिख रहे हैं। यह घटना अस्पताल प्रशासन के संवेदनहीनता और संसाधनों की कमी को भी उजागर करती है।


महिला के पोते रितिक रोशन ने बताया कि उन्होंने अपने 67 वर्षीय दादी प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ और हफनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में ना तो बुजुर्ग महिला की ढंग से देख-रेख हो रही थी और ना ही साफ सफाई की व्यवस्था ठीक थी।


जब उन्होंने दादी को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की मांग की तो कर्मचारियों ने अनुपलब्धता की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।रितिक ने कहा कि सरकार सुविधाएं दे रही है लेकिन जमीनी स्तर पर अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह भी विफल है। मजबूरन उन्हें अपनी बीमार दादी को स्कूटी पर ही बैठा कर बाहर ले जाना पड़ा।


इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर के.के. सिंहा ने कहा कि इस मामले का संज्ञान मेरे पास नहीं आया है, अभी यह वीडियो वायरल हो रहा है। मामले की जांच की जाएगी और जो भी इसमें लापरवाही अस्पताल कर्मी के द्वारा बर्ती गई है, उस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर मौजूद है।

रिपोर्ट- नितम राज, गयाजी

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता