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Land Record : गलती से नाम हटा दिया सर: राजस्व कर्मचारी ने मान ली गलती, विजय सिन्हा ने कहा – खुद वेतन से 4 साल के आवागमन खर्च का करें भुगतान

गया में परिमार्जन में गलत नाम दर्ज करने के मामले में राजस्व कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार की। मंत्री विजय सिन्हा ने चार साल के आवागमन खर्च की भरपाई का निर्देश दिया।

Land Record : गलती से नाम हटा दिया सर: राजस्व कर्मचारी ने मान ली गलती, विजय सिन्हा ने कहा – खुद वेतन से 4 साल के आवागमन खर्च का करें भुगतान
Tejpratap
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Land Record : राजस्व एवं सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गया में एक गंभीर मामले का समाधान किया। मामला तब सामने आया जब परिमार्जन (Land Record Modification) में एक व्यक्ति का गलत नाम दर्ज हो गया, जिसके कारण शिकायतकर्ता को लगभग चार वर्षों तक अपनी समस्या का समाधान न मिलना पड़ा।


इस मामले में मंत्री की मौजूदगी में यह खुलासा हुआ कि गलती राजस्व कर्मचारी की ओर से हुई थी। लंबे समय तक शिकायत के बावजूद नाम का सही संशोधन नहीं हुआ। बाद में कर्मचारी ने खुद अपनी गलती स्वीकार की।


विजय कुमार सिन्हा ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिला अधिकारी (CO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि गलती स्वीकार करने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत नहीं, लेकिन शिकायतकर्ता को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाए। उन्होंने कहा कि चार वर्षों के आवागमन और अन्य खर्च का भुगतान राजस्व कर्मचारी द्वारा किया जाएगा, ताकि शिकायतकर्ता को हुए आर्थिक नुकसान की पूर्ति हो सके।


मंत्री ने कहा, "चार वर्षों में आपके द्वारा किए गए खर्च का पूरा पैसा शिकायतकर्ता को दिया जाएगा। अब इस मामले में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें और मुझे इसकी जानकारी दें।" उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि भविष्य में दस्तावेज़ों में गलती न हो, इसके लिए सभी कर्मचारियों को सतर्क रहना होगा।


स्थानीय लोगों ने मंत्री के इस निर्णय की सराहना की और इसे जनहित में एक सकारात्मक कदम बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में जल्दी और जिम्मेदाराना निर्णय लेने से जनता का विश्वास सिस्टम पर बढ़ता है और उन्हें आर्थिक व मानसिक राहत मिलती है।


इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि राजस्व विभाग में गलती करने वाले कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें, और इससे प्रभावित नागरिकों को न्याय मिलने में कोई देरी न हो। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।


राजस्व एवं सुधार विभाग ने कहा है कि अब से सभी परिमार्जन और दस्तावेज़ संशोधन कार्यों में समयबद्ध निगरानी की जाएगी। इस निर्णय से न केवल शिकायतकर्ता को राहत मिली है, बल्कि विभाग के कामकाज में जिम्मेदारी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।


मंत्री विजय कुमार सिन्हा का यह कदम बिहार में सिस्टम सुधार और जनता के हक के लिए एक मिसाल माना जा रहा है। यह स्पष्ट संदेश देता है कि सरकार सामान्य नागरिकों के हित में गंभीर और जवाबदेह कदम उठाती है, और कर्मचारियों को अपनी गलती स्वीकार करने और सुधारात्मक कदम उठाने की दिशा में प्रेरित करती है।