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मुजफ्फरपुर DM के नाम से बना फर्जी WhatsApp अकाउंट, साइबर ठगी को लेकर अलर्ट जारी

मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मैसेज पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

बिहार न्यूज
साइबर ठगों से सावधान
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों ने इस बार जिला प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी को ही निशाना बना लिया। साइबर ठगों ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और साइबर सेल हरकत में आ गई है।


जानकारी के अनुसार, जिस मोबाइल नंबर से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया है, उसमें वियतनाम का लोकेशन और नंबर दर्शाया गया है। उक्त अकाउंट पर डीएम सुब्रत कुमार सेन की तस्वीर लगाई गई थी और नाम भी उन्हीं का इस्तेमाल किया गया। इस फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों को मैसेज भेजे जा रहे थे।


डीएम ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उक्त व्हाट्सएप अकाउंट से उनका कोई संबंध नहीं है। मामले की सूचना पुलिस विभाग और साइबर सेल को दे दी गई है तथा कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीपीआरओ प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर ठगों द्वारा जिलाधिकारी के नाम से फर्जी अकाउंट बनाए जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद लोगों को अलर्ट किया गया है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या पैसे की मांग पर भरोसा न करें।


साइबर अपराधी ऐसे जीतते हैं भरोसा

जिलाधिकारी ने कहा कि आजकल साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों और प्रतिष्ठित लोगों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद वे आर्थिक मदद, बैंक डिटेल, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी मांगकर ठगी करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सोशल मीडिया प्रोफाइल या व्हाट्सएप नंबर की सत्यता जांचे बिना उस पर भरोसा न करें। यदि कोई संदिग्ध संदेश मिले या पैसे की मांग की जाए, तो तुरंत उसकी पुष्टि करें।


ओटीपी और बैंक डिटेल साझा नहीं करने की सलाह


डीएम ने साफ कहा कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी सोशल मीडिया मैसेंजर के जरिए व्यक्तिगत रूप से पैसे नहीं मांगता है। उन्होंने लोगों को ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या निजी दस्तावेज किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही लोगों से कहा गया है कि केवल सत्यापित और आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को ही फॉलो करें। किसी प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी गतिविधियों और प्रोफाइल हिस्ट्री की जांच जरूर करें।


साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट या किसी अन्य संदिग्ध डिजिटल प्रोफाइल से मैसेज प्राप्त होता है, तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर तुरंत स्थानीय थाना, साइबर सेल या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ऐसे अकाउंट को रिपोर्ट करें। मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं के बीच डीएम के नाम से फर्जी अकाउंट बनाए जाने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाह और फर्जी संदेशों से सतर्क रहने की अपील की है।

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