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डॉक्टर नहीं, फिर भी कर रहा था ऑपरेशन! रेड में खुला फर्जी अस्पताल का काला खेल, मरीजों की जान से खिलवाड़

Bihar Crime News: पूर्वी चंपारण के लखौरा में फर्जी डॉक्टर और अवैध अस्पताल का बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। मरीजों के इलाज और ऑपरेशन को लेकर गंभीर...

डॉक्टर नहीं, फिर भी कर रहा था ऑपरेशन! रेड में खुला फर्जी अस्पताल का काला खेल, मरीजों की जान से खिलवाड़
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Crime News: पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है. यहां एक व्यक्ति बिना किसी मान्यता, डिग्री और वैध अनुमति के खुद को डॉक्टर बताकर अस्पताल चला रहा था. इतना ही नहीं, वह मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ बड़े ऑपरेशन भी कर रहा था. मामले का खुलासा होते ही इलाके में हड़कंप मच गया.


मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लखौरा में एक निजी अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के संचालित किया जा रहा है. यह भी सूचना मिली थी कि अस्पताल में गंभीर मरीजों की सर्जरी की जा रही है और लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग और सदर प्रखंड की संयुक्त टीम ने मंगलवार को अचानक अस्पताल में छापेमारी की.


जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची, खुद को डॉक्टर बताने वाला कथित चिकित्सक मौके से फरार हो गया. उसके फरार होने के बाद जब अस्पताल की जांच की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. अस्पताल में उस समय दो मरीज भर्ती मिले.एक महिला का बच्चेदानी यानी यूटेरस का ऑपरेशन किया गया था, जबकि दूसरे मरीज का एपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था.


जांच के दौरान अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं मिला.टीम ने अस्पताल से संचालन संबंधी लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका. इससे स्पष्ट हो गया कि अस्पताल नियमों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा था.


जांच टीम में शामिल डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि भर्ती मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का तत्काल आकलन किया गया. एक मरीज की हालत चिंताजनक पाई गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहीं दूसरे मरीज ने लिखित रूप से निजी स्तर पर इलाज जारी रखने की इच्छा जताई.


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है. बिना मेडिकल योग्यता के किसी व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन करना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है. प्राथमिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है.


अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल संचालक और खुद को डॉक्टर बताने वाले व्यक्ति के खिलाफ अवैध अस्पताल संचालन, बिना योग्यता के इलाज और सर्जरी करने सहित कई गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


इस छापेमारी अभियान में डॉ. सुनील कुमार, सदर प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप शाही समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और अस्पतालों में हड़कंप मच गया है.


जिला पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट