ब्रेकिंग
तेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहतेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजह

करेह नदी का तांडव शुरू, हायाघाट प्रखंड का जिला मुख्यालय से सड़क सम्पर्क टूटा

DARBHANGA : नेपाल के तराई क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से करेह नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण हायाघाट प्रखंड के इनामाइट ढाला के पास बाढ़ का पानी चढ़ जाने से प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DARBHANGA :  नेपाल के तराई क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से करेह नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण हायाघाट प्रखंड के इनामाइट ढाला के पास बाढ़ का पानी चढ़ जाने से प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्यालय से  सड़क संपर्क भंग हो गया है. जिससे लोगों को जिला मुख्यालय आने जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. वहीं करेह नदी के जलस्तर बढ़ने से घरारी,नयाटोला समेत कई गांव जाने वाली मुख्य सड़के पानी में डूब गई है.

वहीं करेह नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से लोग जहां बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं.  करेह तटबंध के अंदर बसे गांवों मोहम्मदपुर, सिरनियां, अकराहा दक्षिणी बाढ़ के पानी से धीरे-धीरे चारों ओर से घिरने लगा है. गांवों में सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.  स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क से जहां लोग कम दूरी में जिला मुख्यालय पहुंच जाते थे. लेकिन अब उन्हें 40 किलोमीटर घूमकर जिला मुख्यालय जाना पड़ेगा. 

बाढ़ का पानी चौर में फैल जाने से सबसे ज्यादा परेशानी पशुपालक किसानों को हो गई है. चारा उपलब्ध नहीं होने के कारण पशुपालक  को अपने मवेशी का चारा काफी दूर से लाना पड़ रहा है. स्थानीय लोगो की मांग है कि जल्द से जल्द यहां नाव की व्यवस्था की जाय, ताकि लोगों के आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो. इसे लेकर मुखिया संतोष कुमार पासवान का कहना है कि नाविक नाव नहीं चलाना चाहता है. क्योंकि उनका पिछले साल का मजदूरी अभी तक भुगतान नही किया गया है.

रिपोर्टिंग
P

रिपोर्टर

PRASHANT KUMAR

FirstBihar संवाददाता