ब्रेकिंग
पटना के ऑटो स्टैंड में दो गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग, मुखिया के बेटे समेत दो लोगों को लगी गोलीभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनापटना के ऑटो स्टैंड में दो गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग, मुखिया के बेटे समेत दो लोगों को लगी गोलीभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूना

बाढ़ के कारण पशुपालकों की बढ़ी मुश्किलें, मवेशियों के चारा जुटाने में हो रही है परेशानी

DARBHANGA : पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण जिले के लगभग 50 पंचायत बाढ़ प्रभावित हुए है. बाढ़ का पानी फैलने से खेतों में लग

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DARBHANGA  : पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण जिले के लगभग 50 पंचायत बाढ़ प्रभावित हुए है. बाढ़ का पानी फैलने से खेतों में लगी धान की फसल डूब गयी है. वही प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी समस्या मवेशियों को रखने एवं चारा जुटाने की हो रही है. पूरा इलाका बाढ़ के पानी से घिर जाने के कारण पशुपालको को बाढ़ के पानी में जाकर हरा चारा लाना पड़ता है,  जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.


दरभंगा जिला के केवटी, हायाघाट, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर, किरतपुर, हनुमाननगर और कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के 15 पंचायत पूर्णतः एवं 35 पंचायत अंशतः प्रभावित है. जिनमें पानी से घिरे गांवों की संख्या 123 है तथा प्रभावित जनसंख्या 57 हजार 886 है. वही प्रशासन के द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए 13 स्थलों में सामुदायिक रसोई तथा लोगों के आवागमन के लिए 154 नाव का परिचालन करवाया जा रहा है. वहीं सरकारी स्तर पर पशुपालको के मवेशीयो का चारा व्यवस्था नहीं किया गया है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी हुई है. पशुपालकों ने सरकार से पशु के चारे को उपलब्ध करने की मांग की है. 


लोगों का कहना है कि बाढ़ आ जाने से चारों तरफ पानी फैल चुका है.एक तरफ बाढ़ का पानी, तो दूसरी तरफलगातार हो रही बारिश के कारण मवेशियों को रखने में काफी परेशानी हो रही है. बाढ़ के पानी में हेलकर चारा लाना पड़ता है,  जिससे हमेशा खतरा का आशंका बना रहता है.

रिपोर्टिंग
P

रिपोर्टर

PRASHANT KUMAR

FirstBihar संवाददाता