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सरकारी अस्पताल में बड़ा घोटाला? लाखों की दवाइयों को जलाते VIDEO वायरल, डॉक्टरों की लापरवाही पर बवाल

Bihar News: पूर्वी चंपारण के चिरैया प्रखंड स्थित हरिहर स्वास्थ्य केंद्र से सरकारी दवाइयों को जलाने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण लाखों की दवाइयां...

सरकारी अस्पताल में बड़ा घोटाला? लाखों की दवाइयों को जलाते VIDEO वायरल, डॉक्टरों की लापरवाही पर बवाल
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड के हरिहर गांव से स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में सरकारी दवाइयों को जलाने का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर समय पर नहीं आते, मरीजों का सही इलाज नहीं होता और इसी वजह से लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां गोदाम में रखे-रखे खराब हो गईं।


बताया जा रहा है कि अस्पताल में लंबे समय से दवाइयों का वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा था। कई दवाइयां बोरियों में बंद पड़ी रहीं, जिनमें नमी और गंदगी के कारण दीमक लग गई। हालत ऐसी हो गई कि इस्तेमाल लायक दवाइयां भी खराब होने लगीं। जब मामला बढ़ने लगा तो अस्पताल कर्मियों ने खराब दवाइयों को चुपचाप जलाकर खत्म करने की कोशिश की।


इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने अस्पताल के पीछे आग जलती देख मौके पर पहुंचकर वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयों की बोतलें और पैकेट जलाए जा रहे हैं। कई दवाइयों पर साफ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है — “Bihar Govt. Supply – Not For Sale”। इससे साफ हो गया कि ये दवाइयां सरकारी सप्लाई की थीं।


सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन दवाइयों को जलाया जा रहा था, उनकी एक्सपायरी डेट जुलाई 2026 बताई जा रही है। यानी दवाइयां अभी पूरी तरह इस्तेमाल करने लायक थीं। लेकिन समय पर मरीजों में बांटी नहीं गईं, जिसके कारण वे खराब हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नियमित रहते, तो गरीब मरीजों को ये दवाइयां मिल सकती थीं।


स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टर गायब रहते हैं। कई बार मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ता है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अस्पताल सिर्फ नाम का चल रहा है, जबकि जमीनी स्थिति बेहद खराब है।


वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। लोग स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां खराब कैसे हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ है।

(पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट)