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Bihar Corruption: सब्सिडी के बदले घूस! CBI ने बैंक मैनेजर को रंगेहाथ दबोचा

Bihar Corruption: CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए एक बैंक मैनेजर और कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। दोनों आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के तहत सब्सिडी जारी करने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।

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सरकारी सब्सिडी के नाम पर लूट
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Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Bihar Corruption: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बिहार ग्रामीण बैंक की बभनगामा शाखा में पदस्थापित शाखा प्रबंधक विवेक कुमार और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सौरव कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।


दोनों आरोपी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लाभार्थी को सब्सिडी जारी करने के एवज में पैसे की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद CBI ने 29 मई को केस दर्ज कर जाल बिछाया और दोनों को पहली किश्त के तौर पर 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया।


गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पटना स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके साथ ही CBI की टीम ने सीतामढ़ी में दोनों के घर और दफ्तर पर छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए हैं। CBI को संदेह है कि यह रिश्वतखोरी केवल एक isolated मामला नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं से जुड़ी सब्सिडी और लाभों की लूट का हिस्सा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों की गहन जांच के बाद और भी नाम उजागर हो सकते हैं।


CBI ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में चाहे जो भी दोषी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए ऐसे कड़े कदम बेहद जरूरी हैं। फिलहाल CBI की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के ज़रिये मामले के अन्य पहलुओं की परतें खोली जा रही हैं।


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