Bihar News: बिहार की जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने किया भारी बवाल; पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

बक्सर केंद्रीय जेल में विचाराधीन कैदी राजेंद्र कुमार सिंह की संदिग्ध मौत के बाद शहर में तनाव फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने जेल अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 28, 2026, 4:46:20 PM

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Bihar News: बिहार के बक्सर केंद्रीय जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत ने शनिवार को शहर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी। मृतक की पहचान विराट नगर निवासी राजेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है। उसे शराब बेचने के आरोप में 12 फरवरी को जेल भेजा गया था।


जेल अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने बताया कि राजेंद्र सिंह पीलिया रोग से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह 9:47 बजे उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। चार मिनट बाद, सुबह 9:51 बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है।


हालांकि परिजनों ने इस दावे को खारिज किया। मृतक की पत्नी का कहना है कि दो दिन पहले मुलाकात में उनके पति पूरी तरह स्वस्थ थे। उन्होंने बताया कि 2 मार्च को उन्हें जमानत मिलने की उम्मीद थी। पत्नी ने आरोप लगाया कि राजेंद्र के गाल, गर्दन, छाती और पेट पर चोट के निशान थे, जो मारपीट की ओर इशारा करते हैं। परिजन का कहना है कि जेल के अंदर ही पीट-पीटकर हत्या की गई हो सकती है।


मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में लोग जमा हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी ज्योति प्रकाश चौक के पास स्टेशन रोड पर पहुंचे, जहां शाम 6 बजे से 8:30 बजे तक सड़क जाम कर टायर जलाए गए। यातायात बाधित हो गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडे और टाउन एसएचओ मनोज कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन दिया।


पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर केंद्रीय जेल के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रदर्शनकारियों ने मृतक की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी, मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने कहा कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों ने पारदर्शी कार्रवाई का भरोसा दिया है।