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बिहार विधानसभा में कृषि विभाग पर हंगामा: बीज प्रमाणन घोटाले में बड़े अफसरों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? जानिए मंत्री ने क्या दिया जवाब

बिहार विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कृषि विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे। भाजपा विधायक ने बीज प्रमाणन में गड़बड़ी और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री ने जवाब दिया।

बिहार विधानसभा में कृषि विभाग पर हंगामा: बीज प्रमाणन घोटाले में बड़े अफसरों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? जानिए मंत्री ने क्या दिया जवाब
Tejpratap
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में आज प्रश्न कल के दौरान भाजपा के विधायक ने कृषि विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कृषि विभाग में गड़बड़ी होती है तो बड़े अधिकारियों पर एक्शन नहीं लिया जाता है बल्कि छोटे अधिकारियों पर एक्शन लेकर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। उसके बाद कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि इसकी हकीकत क्या है अभी भाग किन लोगों पर एक्शन लेती है और क्या कुछ करती है।


दरअसल,भाजपा के विधायक ने कहा कि बिहार राज्य बीज एवं प्रमानन एजेंसी द्वारा प्रमानन का काम बिहार सहित अन्य राज्यों में किया जाता था। इसमें जांच किया भारत सरकार की संस्था एकीड़ा ने यह प्रमाण पत्र जाली वितरित हो रहा था और जांच किया गया और जांच में यह सत्यापित हो गया कि हां विभाग की तरफ से गलती हुई है। 


अब सरकार ने भी जवाब दिया है और स्वीकार किया है कि हां विभाग से गलती हुई है और इस मामले में उन्होंने महज एक छोटे क्लर्क लेवल के पदाधिकारी को सस्पेंड किया है यानी इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को सस्पेंड किया गया है। मतलब इतनी छोटी सी कार्रवाई के साथ इस पूरे कार्यक्रम को समाप्ति की तरफ विभाग लेकर चला गया है। 


अब मेरा बस एक छोटा सा सवाल यह है कि इस मामले में जब विभाग गलत था तो फिर डायरेक्टर आफ एग्रीकल्चर पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया क्योंकि उनके जिम में ही यह पूरा काम है। दूसरा जब भारत सरकार की एजेंसी नया मान लिया कि यह सारे सर्टिफिकेट फर्जी है तो फिर सरकार की बाद पीटी उसके बावजूद वापस कितने दिनों में काम चालू होगा इसकी भी जानकारी देनीचाहिए। इसके बाद इसके बाद कृषि मंत्री ने जवाब दिया कि सरकार ने इसको गंभीरता से दिया है हमने हम इस मामले में जो प्रमाणक निरीक्षक थे उनकी सेवा समाप्त कर दी है।