Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजधानी पटना में हुए छात्र आंदोलन और इस दौरान विधायकों के साथ हुई कथित मारपीट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। एमएलसी महेश्वर हजारी ने सदन में इस मामले को उठाते हुए जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों से किसी को विरोध नहीं है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के नाम पर विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
महेश्वर हजारी ने सदन में कहा कि पटना में बुधवार को हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने विधायकों को चिन्हित कर उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि चाहे कोई विधायक सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
विधायकों पर हमले का उठाया मुद्दा
एमएलसी महेश्वर हजारी ने सदन में कई विधायकों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब घनश्याम ठाकुर विधानसभा आ रहे थे तो कोतवाली थाना के पास उनकी गाड़ी को घेर लिया गया और उन पर हमला किया गया। इसके अलावा विनय बिहारी और रोहित पांडे के साथ भी इसी तरह की घटना होने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने भाजपा विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ भी प्रदर्शन के दौरान दुर्व्यवहार किया गया। महेश्वर हजारी ने कहा कि यह घटना केवल किसी एक दल के विधायक के साथ नहीं हुई है, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर में आने वाले जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि कल सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद भी करीब तीन घंटे तक कई विधायक विधानसभा परिसर में ही बैठे रहे, क्योंकि बाहर निकलने की स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा राज्य का सबसे बड़ा पंचायत है और यहां आने वाले जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अराजक तत्वों पर कार्रवाई की मांग
महेश्वर हजारी ने सरकार से मांग की कि छात्र आंदोलन के नाम पर हिंसा करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि वह छात्रों की मांगों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा और जनप्रतिनिधियों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विजय चौधरी ने दिया सरकार का पक्ष
मामले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महेश्वर हजारी ने जो मुद्दा उठाया है, उसकी जानकारी सरकार को पहले से मिल रही थी। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में भी इस घटना से जुड़ी खबरें प्रकाशित हुई हैं।
विजय चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी मांग और बात रखने का अधिकार है। सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं पर विचार करती है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हिंसा और किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, वह बेहद निंदनीय हैं। जनप्रतिनिधियों को चिन्हित कर उन पर हमला करना गंभीर अपराध है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोषियों की पहचान कर होगी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि घटना की गहराई से जांच कराई जाएगी और जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी आंदोलन को हिंसक रूप लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।
बता दें कि पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हंगामे को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। अब विधान परिषद में विधायकों पर हुए कथित हमले का मुद्दा उठने के बाद सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।





