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Bihar Teacher: महीनों से ऑनलाइन हाजिरी में जारी भारी फर्जीवाड़ा, राज्य के इन जिलों के गुरु जी सबसे आगे

Bihar Teacher: बिहार में ऑनलाइन हाजिरी में कई महीनों से चल रहा फर्जीवाड़ा, पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली के 76 शिक्षक पकड़े गए। गया में निलंबित शिक्षक भी शामिल, बक्सर-दरभंगा में जांच ठप।

Bihar Teacher
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Teacher: बिहार के सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें पटना, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले के शिक्षक सबसे आगे पाए गए हैं। शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर हाजिरी दर्ज करने में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जहां शिक्षकों ने गलत लोकेशन, पुरानी तस्वीरें और एक ही कपड़े में कई दिनों तक सेल्फी अपलोड कर फर्जी उपस्थिति दर्ज की है।


विभाग ने 1026 शिक्षकों की जांच की, जिसमें 76 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इसकी समीक्षा के बाद कई शिक्षकों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ जिलों में जांच अभी तक शुरू नहीं हुई है। पटना में 91 शिक्षकों की उपस्थिति की जांच में 17 शिक्षक फर्जीवाड़े में पकड़े गए, जिनमें से कई ने एक ही कपड़े में 10-15 दिनों तक सेल्फी अपलोड की या गलत लोकेशन से हाजिरी दर्ज की।


वैशाली में 362 शिक्षकों की जांच में 9, और पश्चिम चंपारण में 60 शिक्षकों की जांच में 3 शिक्षक दोषी पाए गए। मुजफ्फरपुर में 150 शिक्षकों की जांच में 12 शिक्षक एक ही दिन में फर्जीवाड़ा करते पकड़े गए। कुछ शिक्षक तो गंजी या जैकेट-टोपी वाली तस्वीरों के साथ हाजिरी बना रहे थे, जिससे यह साफ हुआ कि वे स्कूल नहीं जा रहे थे।


बता दें कि, नवंबर 2024 से शिक्षा विभाग ने इसकी रैंडम जांच शुरू की थी, लेकिन यह फर्जीवाड़ा महीनों से चल रहा था। गया में तो एक निलंबित शिक्षक भी ऑनलाइन हाजिरी बनाते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद छह दर्जन से अधिक शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हैरानी की बात यह है कि बक्सर, दरभंगा, मधेपुरा, रोहतास, सहरसा, नालंदा, नवादा, किशनगंज, कटिहार और मधुबनी जैसे कई जिलों में अभी तक एक भी शिक्षक की उपस्थिति की जांच नहीं हुई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन जिलों में जल्द जांच शुरू होगी।


मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना में फर्जीवाड़ा सबसे ज्यादा पकड़ा गया, लेकिन अन्य जिलों में जांच जरा सुस्त है। कुछ मामलों में शिक्षकों ने पुरानी तस्वीरें दोबारा अपलोड कीं या गलत समय और स्थान पर हाजिरी दर्ज की। जमुई में पहले भी ऐसा मामला सामने आया था, जहां पुरुष शिक्षक ने महिला के नाम पर और महिला ने पुरुष के नाम पर हाजिरी बनाई थी।