पटना: बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर जमकर हंगामा किया। विपक्षी विधायकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप और समझाने के बाद विपक्षी विधायक शांत हुए और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य किए गए। कुल 13 विधेयक पेश किए गए। इसके अलावा बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट पेश किया। इस अनुपूरक बजट का आकार 1,02,627 करोड़ रुपये रखा गया है।
वित्त मंत्री ने पेश किया 87,383 करोड़ का अनुपूरक बजट
मानसून सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने राज्य सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट का कुल आकार 87,383 करोड़ रुपये है। सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट के माध्यम से विभिन्न विभागों की जरूरी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। सरकार की ओर से बताया गया कि अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और चल रही योजनाओं को गति देने के लिए यह बजट लाया गया है।
13 विधेयक सदन में पेश
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार की ओर से 13 विधेयक पेश किए गए। इन विधेयकों में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। विधेयकों पर सदन में चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।सरकार के तरफ से जो विधेयक पेश किए गए उसमें बिहार नगर विकास विधेयक 2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक 2026,भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक 2026, निबंधन (बिहार संशोशन) विधेयक 2026, बिहार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस विधेयक 2026, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026, बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक 2026।
5 दिनों तक चलेगा मानसून सत्र
बिहार विधानमंडल का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण फैसलों और विधायी कार्यों को पूरा करने की तैयारी में है। सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था, महंगाई और अन्य मुद्दों को उठाए जाने की संभावना है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास योजनाओं को सदन के माध्यम से सामने रखेगी। पहले दिन NEET पेपर लीक का मुद्दा सदन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। आने वाले दिनों में भी मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।





