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Bihar Smart Meter: स्मार्ट मीटर में अचानक माइनस हुआ बैलेंस! 500 रुपये भी गायब? बिजली विभाग ने बताई पूरी वजह

Bihar Smart Meter: बिहार में नए RMS सॉफ्टवेयर के बाद कई स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बैलेंस अचानक कम या माइनस दिखने लगा। जानिए बिजली विभाग ने इसकी क्या वजह बताई और उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए।

Bihar Smart Meter: स्मार्ट मीटर में अचानक माइनस हुआ बैलेंस! 500 रुपये भी गायब? बिजली विभाग ने बताई पूरी वजह
Tejpratap
Tejpratap
7 मिनट

Bihar Smart Meter News: बिहार में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल करने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में सॉफ्टवेयर बदलाव के बाद कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा है। जिन उपभोक्ताओं के खाते में पहले पर्याप्त राशि उपलब्ध थी, उनमें से कई का बैलेंस अब कम होकर शून्य या माइनस में दिखाई दे रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है।

दरअसल, बिहार में बिजली विभाग की मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आरएमएस (RMS) सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। सॉफ्टवेयर में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान जून से अगस्त तक करीब तीन महीने तक मीटर रीडिंग और बिलिंग से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित रही। अब नए सिस्टम के शुरू होने के बाद लंबित मीटर रीडिंग और बिजली खपत का हिसाब धीरे-धीरे सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है।

स्मार्ट मीटर में क्यों दिख रहा है माइनस बैलेंस?

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उनके मीटर में अचानक पहले से मौजूद बैलेंस कम दिखाई देने लगा है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके स्मार्ट मीटर में 500 रुपये या उससे अधिक का बैलेंस था, लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद यह राशि कम हो गई और कुछ मामलों में बैलेंस माइनस में पहुंच गया।

इसे लेकर उपभोक्ताओं को लगा कि बिजली विभाग ने उनके स्मार्ट मीटर खाते से अतिरिक्त राशि काट ली है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामला अतिरिक्त राशि काटे जाने का नहीं, बल्कि पिछले महीनों की बिजली खपत के लंबित हिसाब के समायोजन से जुड़ा है।

जून से अगस्त तक प्रभावित रही बिलिंग प्रक्रिया

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण जून से अगस्त के बीच मीटर रीडिंग और बिलिंग की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इस दौरान उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली की खपत से संबंधित आंकड़ों को सिस्टम में पूरी तरह अपडेट करने की प्रक्रिया लंबित रही।

हालांकि स्मार्ट मीटर में बिजली की खपत दर्ज होती रही। ऊर्जा उपयोग के आधार पर निर्धारित एनर्जी चार्ज की प्रक्रिया भी चलती रही, लेकिन बिलिंग से संबंधित पूरा हिसाब नए सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं हो पाया। अब जब नया आरएमएस सॉफ्टवेयर शुरू हो गया है तो पिछले महीनों में हुई बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट किया जा रहा है। इसी क्रम में लंबित राशि का समायोजन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में दिखाई देने लगा है।

30 अगस्त के बाद दिखने लगा बड़ा बदलाव

विभागीय जानकारी के मुताबिक, आरएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए मीटर रीडिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद 30 अगस्त से लंबित बिजली खपत का हिसाब सिस्टम में अपडेट किया गया। इसके बाद कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बैलेंस में अचानक बदलाव देखने को मिला।

मान लीजिए किसी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर में पहले 500 रुपये का बैलेंस दिख रहा था। यदि पिछले महीनों में उसकी बिजली खपत के अनुरूप कोई राशि सिस्टम में समायोजित होनी बाकी थी, तो नई रीडिंग अपडेट होने के बाद वह राशि एक साथ समायोजित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पहले से दिखाई दे रहा प्लस बैलेंस काफी कम हो सकता है या माइनस में भी जा सकता है।इस बदलाव को देखकर उपभोक्ताओं में यह भ्रम पैदा हुआ कि उनके खाते से अचानक पैसे काट लिए गए हैं। जबकि विभाग का कहना है कि यह पिछले समय में इस्तेमाल की गई बिजली की राशि के समायोजन का परिणाम है।

शिकायत लेकर बिजली कार्यालय पहुंचे उपभोक्ता

बिहार के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि उनके स्मार्ट मीटर में पहले पर्याप्त बैलेंस दिखाई दे रहा था, लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद अचानक बैलेंस कम हो गया।कुछ उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि जब उनके स्मार्ट मीटर में पहले से राशि उपलब्ध थी तो अचानक बैलेंस माइनस में कैसे चला गया। लोगों ने पूरे मामले की जानकारी और खाते में हुई कटौती का विवरण मांगा।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को समझाया पूरा मामला

उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद विद्युत विभाग के सहायक विद्युत अभियंताऔर कनीय विद्युत अभियंता समेत अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए व्यवधान आया था। अब नए आरएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए पुराने लंबित आंकड़ों को अपडेट किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहा बैलेंस पिछले महीनों की बिजली खपत और उसके लंबित समायोजन से प्रभावित हुआ है। इसलिए बैलेंस कम होने या माइनस में जाने को सीधे तौर पर अतिरिक्त राशि की कटौती नहीं माना जाना चाहिए।

बिहार के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब?

बिहार में बड़ी संख्या में घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऐसे में सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद बैलेंस में बदलाव को लेकर उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है।उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहे बैलेंस के साथ अपनी बिजली खपत और रिचार्ज से संबंधित विवरण भी देखें। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके खाते में गलत राशि समायोजित हुई है तो वह संबंधित विद्युत कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है।

क्या माइनस बैलेंस का मतलब तुरंत अतिरिक्त भुगतान है?

स्मार्ट मीटर में माइनस बैलेंस दिखाई देने का मतलब यह हो सकता है कि पिछले समय की बिजली खपत की राशि सिस्टम में अब समायोजित की गई है। इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने के बजाय पहले अपने मीटर और बिलिंग विवरण की जांच करनी चाहिए।बिहार बिजली विभाग द्वारा नए आरएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लंबित रीडिंग और बिलिंग डेटा को अपडेट किया जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रक्रिया सामान्य होने के बाद उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग और भुगतान का अधिक स्पष्ट विवरण मिलने की उम्मीद है।यानी स्मार्ट मीटर में अचानक बैलेंस कम या माइनस दिखने के पीछे फिलहाल मुख्य वजह सॉफ्टवेयर परिवर्तन के दौरान लंबित रही मीटर रीडिंग और बिलिंग का अब सिस्टम में समायोजन बताया जा रहा है।