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Bihar News: नगर परिषद के 'कार्यपालक पदाधिकारी' ने करोड़ों का किया खेल, अपने खास के खाते में भेज दिया 1.79 Cr रू, जांच में पकड़े गए...

सिवान नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजकिशोर लाल पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि खरीद में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप जांच में प्रमाणित हुए हैं।

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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी ने बड़ा खेल किया. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर रहते हुए करोड़ों की राशि की गड़बड़ी की. अपने खास के बैंक अकाउंट में करोड़ों रू भेजे. जांच में आरोप प्रमाणित हुए हैं. जांच के बाद सरकार ने दंड दिया है. 


सिवान के कार्यपालक पदाधिकारी ने जबरदस्त खेल किया....

सिवान नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजकिशोर लाल के खिलाफ नगर विकास विभाग ने 4 अगस्त 2022 को आरोप पत्र गठित कर सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया था. कार्यपालक पदाधिकारी राजकिशोर लाल के खिलाफ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि क्रय में 4 करोड़ 3 हजार 785 रू की राशि का वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे. चूंकि आरोप गंभीर प्रकृति के थे, लिहाजा सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 मई 2025 को अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया. मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया. संचालन पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में 6 आरोपों को प्रमाणित बताया. 


10 किमी से अधिक दूरी पर खरीद की जमीन  

जांच में पाया गया कि सिवान नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा क्रय की गई भूमि नगर क्षेत्र सीमा 10 किमी से अधिक दूरी पर था. जबकि नगर विकास विभाग का स्पष्ट आदेश था कि भूमि 10 किमी के दायरे के अंदर होनी चाहिए। नगर विकास विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश दिया गया था कि, भूमि क्रय की राशि आरटीजीएस के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी. लेकिन आरोपी कार्यपालक पदाधिकारी ने किसानों के खाते में राशि नहीं भेजी, बल्कि यूनिक डेवलपर्स नामक संस्था के खाते में राशि भेजी गई। 


बाहरी व्यक्ति के खाते में भेजी गई 1.79 करोड़ रू 

कार्यपालक पदाधिकारी राजकिशोर लाल ने एक खास व्यक्ति के खाते में मोटी रकम भेज दिया. वो ऐसा व्यक्ति था,जिससे जमीन नहीं खऱीदी गई.इसके बाद भी सरकारी राशि खाते में भेजी गई. जांच में पाया गया है कि सुबोध कुमार निराला के खाते में बड़ी राशि (1 करोड़ 79 लाख 23 हजार रू) भेजी गई। यह ऐसा व्यक्ति था, जिनकी क्रय की गई भूमि में न तो स्वयं और न ही परिवार के किसी सदस्य की जमीन थी. सुबोध कुमार निराला के बैक खाते से भूमि क्रय करने के बाद अनेक व्यक्ति को राशि भेजी गई। जिसमें तथाकथित रूप से नगर परिषद के कुछ कर्मी एवं नगर पार्षदों के करीबी लोगों के नाम हैं. 


तीन वेतन वृद्धि पर रोक का लगा दंड 

जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद सरकार ने सिवान नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी राजकिशोर लाल के खिलाफ संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड निर्धारित किया गया है. राजकिशोर लाल वर्तमान में उर्जा विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थापित हैं. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता