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Bihar News: शराबबंदी कानून के दुरुपयोग पर पटना हाईकोर्ट सख्त, एथेनॉल लदे टैंकर को जब्त कर सरकार पर लगाया ₹2 लाख का जुर्माना

Bihar News: पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को शराबबंदी कानून के दुरुपयोग पर कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही 2 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है.

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बिहार न्यूज
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार में लागू शराबबंदी कानून के कथित दुरुपयोग पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है। यह आदेश बेगूसराय जिले में इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी जा रहे एक एथेनॉल से लदे टैंकर की अनुचित जब्ती के मामले में दिया गया।


न्यायमूर्ति पी.बी. बजनथ्री की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने ‘मधु ट्रांसपोर्ट’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया। याचिकाकर्ता का कहना था कि उनकी टैंकर गाड़ी में 40,000 लीटर एथेनॉल लदा हुआ था और इसमें सभी आवश्यक वैध दस्तावेज मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस ने टैंकर को शराबबंदी कानून के तहत संदेह के आधार पर जब्त कर लिया और एफआईआर दर्ज कर दी।


हाईकोर्ट ने कहा कि टैंकर की जब्ती के समय उसमें पूरा एथेनॉल मौजूद था और डिजिटल लॉक भी सुरक्षित अवस्था में था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एथेनॉल का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ था। कोर्ट ने इसे राज्य के अधिकारियों द्वारा अधिकारों का अंधाधुंध प्रयोग करार दिया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मामले की विभागीय जांच कराए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इसके साथ ही न्यायालय ने आदेश दिया और  ₹1 लाख की राशि याचिकाकर्ता को मुआवजे के रूप में दी जाए व ₹1 लाख अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा किया जाए।


यह मामला बिहार में शराबबंदी कानून के कड़ाई से लागू होने के नाम पर हो रहे कथित दुरुपयोग की ओर इशारा करता है, जिसमें निर्दोष नागरिकों और व्यवसायों को अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। कोर्ट के इस निर्णय को कानून के दुरुपयोग के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


बिहार सरकार ने 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। तब से अब तक हजारों मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, खासकर जब औद्योगिक उपयोग के लिए वैध रूप से ले जाए जा रहे रासायनिक पदार्थों पर भी कार्रवाई की जाती है।