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पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश्वर कुमार दास पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर 28.30 लाख रुपये की ठगी और विभाग से चार्जशीट की जानकारी छुपाने का आरोप प्रमाणित हुआ है. विभाग ने उनके खिलाफ एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की है.

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AI से सांकेतिक तस्वीर
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: पथ निर्माण विभाग का एक सहायक अभियंता तो बड़ा खिलाड़ी निकला. साले के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेज में नामांकन के नाम पर अवैध उगाही कर रहा था. 28 लाख 30 हजार रू की धोखाधड़ी मामले में थाने में केस दर्ज किया गया, पुलिस की जांच में आरोप प्रमाणित पाये गए, इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की गई. इतनी बड़ी बात को उक्त सहायक अभियंता ने पथ निर्माण विभाग ने छुपा लिया. खुलासा हुआ तो मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर 28 लाख की ठगी करने वाले, केस और चार्जशीटेड होने की जानकारी छुपाने वाले सहायक अभियंता को दंड दिया गया है. 

राजेेश्वर कुमार दास, तत्कालीन कनीय अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, वर्तमान में सहायक अभियंता (अनुश्रवण), राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पटना में पदस्थापित हैं. इनके खिलाफ राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना के पदस्थापन काल में मोकेन्द्र कुमार की भतीजी दीक्षा आर्या से मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर रुपये 28,30,000/- की धोखाघड़ी किये जाने के आरोप हैं. इस आरोप में दास के खिलाफ रूपसपुर थाना कांड संख्या-299/2022 दर्ज है. अनुसंधान के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दायर किये गए। 

सहायक अभियंता राजेश्वर कुमार दास ने इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध नहीं कराया. इसके बाद दास के खिलाफ 12.08.2025 द्वारा आरोप पत्र गठित कर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। सहायक अभियंता पर आरोप हैं कि जहानाबाद,की दीक्षा आर्या को मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर दास द्वारा धोखाधड़ी की गई। 

इस आरोप के लिए तदेन कनीय अभियंता दास के खिलाफ रूपसपुर थाना कांड संख्या-299/2022 दर्ज है. अपर मुख्य न्यायाधीश प्रथम दानापुर के न्यायालय में दाखिल अंतिम रिपोर्ट / आरोप पत्र की सूचना को इन्होंने जान-बूझकर विभाग से छुपाया. जो पूरी तरह से गलत है. दास द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर में मुख्य रूप से इस तथ्य को अंकित किया है कि उनके खिलाफ दर्ज थाना कांड एवं न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र की जानकारी उन्हें नहीं थी। जांच में यह पाया गया कि इन्हें केस के संबंध में पूरी जानकारी थी. थाना में इनसे पूछताछ भी की गई थी. इतना ही नहीं मामला बढ़ने पर सात लाख का चेक इन्होंने शिकायतकर्ता को दिया था, जो क्लियर नहीं हो सका . 

आरोप प्रमाणित होने के बाद पथ निर्माण विभाग ने राजेेश्वर कुमार दास, तत्कालीन कनीय अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, वर्तमान में सहायक अभियंता (अनुश्रवण), राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पटना को दंड दिया है. इनके खिलाफ "संचयी प्रभाव के बिना एक (01) वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक का दंड" लगाया गया है. 

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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता