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Bihar News: बिहार में निगरानी का तगड़ा एक्शन, रिश्वत लेते एक दिन में दबोचे गए 5 घूसखोर

Bihar News: बिहार में निगरानी विभाग का तगड़ा एक्शन, 5 घूसखोर अधिकारियों-कर्मचारियों को रंगे हाथ किया गिरफ्तार। बीईओ, दारोगा, कर्मचारी इत्यादि शामिल..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने 27 अगस्त को ताबड़तोड़ कार्रवाई की है और अलग-अलग जिलों में 5 अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह अभियान राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है जो भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा है। आरा, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, खगड़िया और औरंगाबाद जैसे जिलों में हुई इन गिरफ्तारियों से भ्रष्टाचार में लिप्त बाबुओं और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।


निगरानी ब्यूरो के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने इस बारे में बात करते हुए कहा है कि 2025 में अब तक 45 से अधिक रिश्वतखोरों को पकड़ा गया है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब सभी गिरफ्तार आरोपियों को विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें फिर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।


आरा जिले में सबसे पहले शाहपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) मो. गुलाम सरवर को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई बक्सर के नेनुआ गांव के शिक्षक संतोष कुमार पाठक की शिकायत पर की गई थी। शिक्षक की सर्विस बुक गायब होने से उनका 8.54 लाख रुपये का वेतन भुगतान रुका हुआ था। बीईओ ने इसे ठीक करने के बदले 12 प्रतिशत राशि (लगभग 1 लाख रुपये) मांगी थी। निगरानी टीम ने शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया और बीईओ को रंगे हाथों पकड़ लिया। पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर थाने के दारोगा मशरुर आलम को भी वाहन जांच के दौरान रिश्वत लेने के वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया गया। वे 9 महीने से थाने में तैनात थे और एसपी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई।


इसके अलावा मधुबनी जिले में उद्योग विभाग के एमएसएमई उद्योग मित्र मो. मोसाहिद खान को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया। साहरघाट थाने के बसवरिया गांव के सुशील कुमार ने सूक्ष्म लघु उद्यमी योजना के तहत ऋण की तीसरी किस्त के वेरिफिकेशन प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत की शिकायत की थी। खगड़िया के अलौली अंचल कार्यालय के हलका कर्मचारी सत्येंद्र सिंह को दाखिल-खारिज के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। मोरकाही थाने की आनंदपुर मारण पंचायत के सहोरबा गांव निवासी मदन साह के पुत्र गुड्डु कुमार ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जबकि औरंगाबाद सदर थाने के दारोगा उमेश राम को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था और अब उन्हें पटना कोर्ट में पेश किया जाएगा।


ये गिरफ्तारियां बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा हैं, जहां निगरानी विभाग ने 2025 में अब तक 45 ट्रैप ऑपरेशन किए हैं। इससे पहले वैशाली की एक बीडीओ और उनके ड्राइवर को भी 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था। विभाग ने लोगों से भ्रष्टाचार की शिकायत टोल-फ्री नंबर 1064 पर करने की अपील की है।