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BIHAR NEWS : दुलारचंद हत्याकांड के बाद SDPO पर गिरी थी गाज, अब जांच में मिली क्लीन चिट!

मोकामा विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोपों का सामना कर रहे तत्कालीन SDPO बाढ़-1 राकेश कुमार को विभागीय जांच में दोषमुक्त कर दिया गया है।

BIHAR NEWS : दुलारचंद हत्याकांड के बाद SDPO पर गिरी थी गाज, अब जांच में मिली क्लीन चिट!
Tejpratap
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Bihar News : बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड और मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आए तत्कालीन SDPO बाढ़-1 राकेश कुमार को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने विभागीय जांच के बाद राकेश कुमार को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही अनुशासनिक कार्रवाई को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

गृह विभाग की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी आदेश में सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद राकेश कुमार के विरुद्ध शुरू की गई विभागीय कार्रवाई समाप्त करने की बात कही गई है। वर्तमान में राकेश कुमार बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-4, डुमरांव में समादेष्टा के पद पर तैनात हैं।

मोकामा चुनाव के दौरान लगे थे गंभीर आरोप

वर्ष 2025 के मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या की घटना ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मचा दी थी। इस घटना के बाद चुनावी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। तत्कालीन SDPO बाढ़-1 राकेश कुमार पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने क्षेत्र में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपलब्ध जिला पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र बलों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं किया।

आरोपों में यह भी कहा गया था कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद उनके इलाके में निर्धारित सीमा से अधिक वाहनों का इस्तेमाल हुआ और चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं कराया गया। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में राकेश कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई।

22 जुलाई को मांगा गया था लिखित जवाब

विभागीय कार्रवाई के दौरान गृह विभाग ने 22 जुलाई 2026 को राकेश कुमार को आरोपों के संबंध में अपना लिखित बचाव अभिकथन प्रस्तुत करने का अवसर दिया। राकेश कुमार ने 24 जुलाई को विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखा। इसके बाद मामले की विस्तृत समीक्षा के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय से भी मंतव्य मांगा गया।

पुलिस मुख्यालय ने उपलब्ध अभिलेखों, प्राथमिकी और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की। जांच के दौरान यह अहम तथ्य सामने आया कि 30 अक्टूबर 2025 को हुई घटना से संबंधित प्राथमिकी और अन्य मामले भदौर थाना में दर्ज किए गए थे।

घटनास्थल SDPO बाढ़-1 के क्षेत्राधिकार में नहीं था

जांच में एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि जिस स्थान पर दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ी घटना हुई थी, वह भदौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता था। यह क्षेत्र तत्कालीन SDPO बाढ़-1 राकेश कुमार के प्रत्यक्ष कार्यक्षेत्र के अधीन नहीं था।

पुलिस मुख्यालय ने अपनी समीक्षा में यह भी माना कि चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई थी। केंद्रीय सशस्त्र बलों के उपयोग और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी राकेश कुमार की ओर से जरूरी कदम उठाए गए थे। जांच में घटना को अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण माना गया। पुलिस मुख्यालय के मंतव्य के अनुसार, इस घटना में राकेश कुमार की प्रत्यक्ष लापरवाही प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं पाई गई।

विभागीय समीक्षा के बाद सभी आरोपों से मुक्त

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर गृह विभाग ने पूरे मामले की विभागीय समीक्षा की। समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकारी ने यह निर्णय लिया कि राकेश कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई जारी रखने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके बाद उन्हें आरोपों से मुक्त करते हुए विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई। 25 अगस्त 2026 को जारी आदेश पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी भी प्राप्त है। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रही विभागीय जांच का पटाक्षेप हो गया।

दुलारचंद यादव हत्याकांड ने मचाई थी राजनीतिक हलचल

गौरतलब है कि मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या का मामला बिहार की राजनीति में काफी चर्चित रहा था। इस हत्याकांड में जदयू के बाहुबली नेता और मोकामा से विधायक अनंत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।

हालांकि गिरफ्तारी और गंभीर आरोपों के बावजूद विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने बड़ी जीत हासिल की थी। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था और चुनावी सुरक्षा पर सवाल उठाए थे, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू हुई थी।

अब इस मामले से जुड़े प्रशासनिक पहलू में तत्कालीन SDPO बाढ़-1 राकेश कुमार को बड़ी राहत मिल गई है। विभागीय जांच में उनके खिलाफ प्रत्यक्ष लापरवाही साबित नहीं होने के बाद बिहार सरकार के गृह विभाग ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। ऐसे में मोकामा चुनाव हिंसा और दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच राकेश कुमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई अब आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई है।