ब्रेकिंग
बिहार में भूमि सुधार अभियान की तैयारी: भूमिहीनों को मिलेगा प्लॉट, खासमहल की जमीन होगी फ्रीहोल्डफरार IAS संजीव हंस, रिशुश्री समेत सात के खिलाफ निगरानी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, SVU की जांच में मिले पुख्ता प्रमाण‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भूमि सुधार अभियान की तैयारी: भूमिहीनों को मिलेगा प्लॉट, खासमहल की जमीन होगी फ्रीहोल्डफरार IAS संजीव हंस, रिशुश्री समेत सात के खिलाफ निगरानी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, SVU की जांच में मिले पुख्ता प्रमाण‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटम

बिहार में फिर सरकारी अस्पताल की लापरवाही, बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर सुलाया

MADHEPURA : बिहार के खगड़िया जिले के बाद अब मधेपुरा से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की एक तस्वीर सामने आई है। यहां महिलाओं के बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद उन्हें ज़मीन पर सुला दिया ग

बिहार में फिर सरकारी अस्पताल की लापरवाही, बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर सुलाया
First Bihar
2 मिनट

MADHEPURA : बिहार के खगड़िया जिले के बाद अब मधेपुरा से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की एक तस्वीर सामने आई है। यहां महिलाओं के बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद उन्हें ज़मीन पर सुला दिया गया। कड़ाके की ठंड के बीच भी महिलाओं ने ज़मीन पर लेटकर पूरी रात गुजारी। अस्पताल के जमीन पर परिजनों ने पुआल बिछा दिया, जहां ऑपरेशन के बाद महिलाओं को सुलाया गया। 



दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के कारनामे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खगड़िया जिले में महिलाओं के बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद उन्हें ज़मीन पर सुला दिया गया था। इस बार ऐसा ही मामला मधेपुरा से आया है। महिलाओं के लिए यहां बेड तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। यहां कि स्थिति देख महिलाओं में जमकर आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर हम घर से पुआल लेकर नहीं आते तो हमें पूरी रात ऐसे ही जमीन पर रात काटनी पड़ती। 



महिलाओं ने बताया कि रात में उनका ऑपरेशन किया गया। इसके बाद वहां न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही देखभाल करने के लिए कोई स्टाफ। यहां केवल एक नर्स के भरोसे सब कुछ छोड़ दिया गया था। मामला सदर प्रखंड के मुरहो पीएचसी का है, जहां पिछले मंगलवार को 13 मरीजों का परिवार नियोजन का ऑपरेशन हुआ था। 

टैग्स