Bihar Land Reform: बिहार में जमीन, पर्चा और कब्जे से जुड़े मामलों में वर्षों से परेशान लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी चल रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने संकेत दिए हैं कि राज्य की भूमि व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
सरकार जल्द ही बसेरा-3 अभियान शुरू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य उन भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना है जिन्हें पहले पर्चा तो मिला लेकिन वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। ऐसे सभी मामलों की पहचान कर पात्र परिवारों को भूमि देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे हजारों परिवारों के पुराने भूमि विवाद खत्म होने और स्थायी आवास मिलने की उम्मीद है।
सरकार 15 अगस्त के अवसर पर 30 हजार गरीब परिवारों को वासभूमि का पर्चा देने की तैयारी में है। इससे पहले बसेरा-2 अभियान के तहत 71,595 भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब इस योजना को और व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है। इसके साथ ही सरकार खासमहल जमीन को फ्रीहोल्ड करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। इसके लिए जमीन धारकों के साथ बैठक की जाएगी और उनसे सुझाव लिए जाएंगे कि बाजार दर के आधार पर कितना शुल्क देकर जमीन को फ्रीहोल्ड कराया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से भूमि व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। विकास कार्यों के तहत राज्य सरकार ने अब तक 88 परियोजनाओं के लिए 1380 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराई है। इनमें शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, पर्यटन, खेल और उद्योग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए 45,748 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है। इसमें एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाएं शामिल हैं, जो राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
विकास कार्यों की बात करें तो राज्य सरकार ने अब तक 88 परियोजनाओं के लिए 1380 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराई है, जिनमें शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, पर्यटन, खेल और उद्योग से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। करीब 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए 45,748 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, जिसमें एक्सप्रेस-वे, रेलवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाएं शामिल हैं।
राज्य में विशेष भूसर्वेक्षण और बंदोबस्ती का काम भी तेजी से चल रहा है। अब तक 32 करोड़ से अधिक भूमि अभिलेखों की स्कैनिंग पूरी की जा चुकी है और सरकार डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को बढ़ावा दे रही है ताकि पारदर्शिता और गति बढ़े। सरकार ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभागीय कार्रवाई के तहत 144 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं, 124 से जवाब मांगा गया है, जबकि 18 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। ट्रैप मामलों में 10 अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है।
भूमि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 765 अमीनों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही विभाग में पहली बार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का विशेष सेल गठित किया गया है, जो भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी करेगा। कुल मिलाकर बसेरा-3 अभियान, खासमहल फ्रीहोल्ड योजना, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जैसे कदम संकेत देते हैं कि बिहार में भूमि सुधार के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।

