ब्रेकिंग
बिहार में घूसखोर GM पर विजिलेंस का शिकंजा, 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार; कार्रवाई से हड़कंपNEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टबिहार में घूसखोर GM पर विजिलेंस का शिकंजा, 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार; कार्रवाई से हड़कंपNEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बिहार : ई–स्टांप बेचेंगे सहकारी बैंक, नीतीश सरकार का नया फैसला

PATNA : रजिस्ट्री के लिए जरूरी ई–स्टांप को लेकर नीतीश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। जमीन समेत अन्य दस्तावेजों के निबंधन के लिए जरूरी ई स्टाम्प अब राज्य के सहकारी बैंक

बिहार : ई–स्टांप बेचेंगे सहकारी बैंक, नीतीश सरकार का नया फैसला
Editor
2 मिनट

PATNA : रजिस्ट्री के लिए जरूरी ई–स्टांप को लेकर नीतीश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। जमीन समेत अन्य दस्तावेजों के निबंधन के लिए जरूरी ई स्टाम्प अब राज्य के सहकारी बैंक बेचेंगे। राज्य सरकार ने स्टॉक होल्डिंग कंपनी ऑफ इंडिया से स्टाम्प बिक्री की जिम्मेवारी लेकर सहकारी बैंकों को दे दिया है। इन बैंकों ने अब तक दो तिहाई से ज्यादा निबंधन केन्द्रों पर अपना काम शुरू कर दिया है। जल्द ही बाकी पर भी स्टाम्प की बिक्री इन बैंकों के हाथ में होगी।


बिहार में ई-स्टाम्प की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कंपनी ऑफ इंडिया करती थी। इसके एवज में उसे एक प्रतिशत बतौर कमीशन मिलता है। लेकिन स्टाम्प बिक्री में कई तरह की अनियमितता की शिकायत के बाद निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने उनसे यह जिम्मेवारी वापस लेकर सहकारी बैंकों को दे दिया है। फिलहाल स्टाम्प की खरीद स्टॉक होल्डिंग कंपनी ही करेगी और लोगों में बेचने के लिए सहकारी बैंकों को देगी। बदले में कमीशन की राशि का बराबर बंटावारा भी दोनों संस्थाओं के बीच होगा। 


सरकार के इस फैसले से सालाना तकरीबन 30 करोड़ का मुनाफा सहकारी बैंकों को होगा। आगे जब पूरी व्यवस्था सहकारी बैंकों के हाथ हो जाएगी तो कमीशन की पूरी राशि भी उन्हें ही मिलेगा। राज्य में सहकारी बैंकों का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। लिहाजा अब सभी जिलों में इनका कारोबार चलने लगा है। इसके लिए 23 जिला साहकारी बैंक और एक राज्य सहकारी बैंक अपना काम कर रहे हैं। लिहाजा अब हर जिले में स्टाम्प की बिक्री इनके लिए आसान है। सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अखिलेश कुमार मुताबिक निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव शकेके पाठक ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद ही नया फैसला लिया है।