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Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन की रफ्तार हुई धीमी, 4.6 करोड़ आवेदन लंबित; फेल होगी डेडलाइन?

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण योजना धीमी पड़ गई है. राज्यभर में 4.6 करोड़ से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं. अधिकारियों की कमी और बढ़ते बैकलॉग से लक्ष्य पूरा होना मुश्किल हो गया है.

Bihar Bhumi
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन रिकॉर्ड को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तय समय पर पूरी होती नजर नहीं आ रही है। सरकार ने 31 मार्च तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन मौजूदा स्थिति इस लक्ष्य से काफी पीछे है। राज्यभर में सर्वे और म्यूटेशन का काम धीमी गति से चल रहा है, जिससे पूरी योजना पर सवाल उठने लगे हैं।


राज्य में 4.6 करोड़ से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं, जो जमीन सुधार, म्यूटेशन और रिकॉर्ड अपडेट से जुड़े हैं। हर दिन नए आवेदन जुड़ रहे हैं, लेकिन उनका निपटारा अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा। इससे बैकलॉग लगातार बढ़ रहा है। सर्किल ऑफिसर्स (CO) और राजस्व कर्मियों की भारी कमी, साथ ही कई अधिकारियों का अवकाश या अन्य कार्यों में व्यस्त होना, इस धीमी रफ्तार का मुख्य कारण है। 


कई जगहों पर फाइलें लंबे समय तक लंबित पड़ी रहती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति को और जटिल बनाते हुए सरकार ने भूमि सर्वे के साथ महादलित विकास मिशन और भू-अभियान जैसी योजनाएं भी जोड़ दी हैं। इससे प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है और अधिकारी एक साथ कई जिम्मेदारियां निभाने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर जमीन सुधार कार्य पर पड़ा है, जिससे प्रक्रिया और धीमी हो गई है।


गांवों और कस्बों में इसका असर साफ दिख रहा है। किसानों को समय पर जरूरी कागजात नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे जमीन विवाद और फसल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और सिस्टम पर उनका भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की तैयारी अधूरी थी। लक्ष्य तय तो किया गया, लेकिन उसके अनुरूप संसाधन नहीं बढ़ाए गए। इसी कारण यह योजना जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पा रही है। विशेषज्ञ इसे “सिस्टम फेलियर” तक मान रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो समस्या और गंभीर हो सकती है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता