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बिहार में जमीन खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: अब केवल इस डॉक्यूमेंट से भी हो जाएगा रजिस्ट्री

बिहार में जमीन खरीद अब सिर्फ जमाबंदी की रसीद से संभव होगी। नई गाइडलाइन से पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े और विवादों पर रोक लगेगी और आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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जमीन खरीदने से पहले यह जान लें
© social media
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार सरकार ने जमीन खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में जमीन खरीदने के लिए केवल जमाबंदी की रसीद ही पर्याप्त होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है।


इस फैसले से जमीन खरीदने से पहले आवश्यक कागजातों की संख्या कम हो जाएगी और आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े तथा विवादों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


नए नियम के अनुसार, खरीदार को जमीन की जमाबंदी ऑनलाइन जांचनी होगी। इसके लिए www.biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर ‘जमाबंदी देखें’ विकल्प का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, जमीन का खेसरा नंबर, रकबा और विक्रेता के नाम की जानकारी की पुष्टि करना अनिवार्य होगा। यदि जमीन संयुक्त मालिकों की है, तो सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति सुनिश्चित करनी होगी।


पटना जिले में चल रहे राजस्व महाभियान के तहत डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटियों को सुधारने और बंटवारा, नामांतरण से जुड़े आवेदन सीधे पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने 31 दिसंबर तक करीब 1.20 लाख आवेदन अपलोड करने का लक्ष्य तय किया है।


इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को जमीन खरीद-बिक्री में आसानी होगी। पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार और देरी कम होगी और लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यदि यह प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह बिहार में जमीन सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।

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