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Bihar Land Mutation: बिहार में जमीन दाखिल-खारिज के नियम बदले, जानिए.. राजस्व विभाग का नया आदेश

Bihar Land Mutation: बिहार में राजस्व विभाग ने दाखिल-खारिज प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नया आदेश जारी किया है। अब अंचलाधिकारी द्वारा अस्वीकृत आवेदन को दोबारा अंचल स्तर पर स्वीकृति नहीं मिल सकेगी।

Bihar Land Mutation
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Land Mutation: राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब किसी भूमि के दाखिल-खारिज आवेदन को अगर एक बार अंचलाधिकारी द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया है, तो उसे पुनः अंचल स्तर से स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा।


इस संबंध में राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। नई प्रक्रिया के मुताबिक अब यदि कोई दाखिल-खारिज आवेदन अस्वीकृत होता है, तो राजस्व कर्मचारी उस भूमि से जुड़े खाता, खेसरा, केवाला और क्रेता आदि की जांच करेंगे। इसके बाद वे अस्वीकृति की अनुशंसा अंचलाधिकारी से करेंगे। अंचलाधिकारी इस पर डीसीएलआर कोर्ट में अपील की सलाह देते हुए आवेदन को अंतिम रूप से अस्वीकृत कर देंगे।


पहले अंचलाधिकारी द्वारा अस्वीकृत किए गए आवेदनों को कुछ मामलों में फिर से अंचल स्तर पर ही गलत तरीके से स्वीकृति दी जा रही थी। विभाग की समीक्षा में सामने आया कि एक ही खाता-खेसरा की जमीन पर बार-बार नए आवेदन देकर प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा था। इससे नए आवेदनों की सुनवाई में देरी हो रही थी और सिस्टम में गड़बड़ी आ रही थी।


अब अस्वीकृत आवेदनों की दूसरी बार सुनवाई अंचल स्तर पर नहीं होगी। केवल उच्च स्तर, जैसे DCLR कोर्ट पर ही अपील की जा सकेगी। यह व्यवस्था फुलप्रूफ सिस्टम बनाने और फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता