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नेपाल में भारी बारिश के बाद बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग; 17 जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश

Bihar Flood Alert: नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 17 संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी, NDRF-SDRF को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Bihar Flood Alert
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Flood Alert: नेपाल में भारी बारिश के बाद एक बार फिर से बिहार के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संभावित परिस्थितियों को देखते हुए गंडक, बागमती और कोसी नदी सिस्टम से जुड़े संवेदनशील जिलों को अलर्ट मोड में रहने और सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



वर्तमान स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



बारिश और नदियों की स्थिति को देखते हुए सभी संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को नदियों के जलस्तर और प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।अधिकारियों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।



अधिकारियों के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद कोसी नदी के आसपास स्थित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर में अचानक बदलाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए NDRF और SDRF को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।



सभी संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार रखने को कहा गया है। संभावित प्रभावित इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को पहले से सतर्क करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।



जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय और संचार बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय और एक्टिव मोड में रखा जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव और राहत कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों को स्पष्ट रूप से बताने को कहा गया है कि वर्तमान स्थिति को लेकर किसी तरह की अफवाह या घबराहट की जरूरत नहीं है। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए लोग आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता