Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति से जुड़ा एक बड़ा फैसला स्पष्ट कर दिया है। अब राज्य के सरकारी सेवकों को रिटायरमेंट के समय अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश (Earned Leave-EL) के बदले नकद भुगतान का लाभ मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में चल रहे भ्रम को खत्म करते हुए स्थिति साफ कर दी है।
नई व्यवस्था के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड में सेवानिवृत्ति के समय 300 दिन या उससे कम अर्जित अवकाश बचा हुआ है, तो उसे उतने ही दिनों के मूल वेतन के आधार पर नकद राशि का भुगतान किया जाएगा। वहीं, यदि किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिन से अधिक EL जमा है, तो भी भुगतान की सीमा अधिकतम 300 दिन तक ही रहेगी।
वित्त विभाग ने दूर किया पुराना भ्रम
अर्जित अवकाश के नकदीकरण को लेकर लंबे समय से अलग-अलग विभागों में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। कई मामलों में कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि अलग-अलग प्रकार की सेवानिवृत्ति पर उन्हें कितने दिनों के EL का भुगतान मिलेगा।
अब वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सभी प्रकार की सेवानिवृत्ति के मामलों में लागू होगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2005 से प्रभावी मानी जाएगी।
इससे पहले वार्धक्य यानी सामान्य आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारियों को ही 300 EL तक का लाभ मिल रहा था। जबकि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति या अन्य परिस्थितियों में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 180 EL के बराबर नकद भुगतान किया जा रहा था।
180 दिन से बढ़कर 300 दिन हुई सीमा
सरकारी कर्मचारियों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सीमा समय-समय पर बढ़ाई गई है। शुरुआत में इसकी सीमा कम थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया।
वर्ष 1984 में कई अन्य परिस्थितियों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने का प्रावधान किया गया था। उस समय अधिकतम सीमा 180 दिन थी।
इसके बाद केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप दिसंबर 1986 में यह सीमा बढ़ाकर 240 दिन कर दी गई। अप्रैल 2005 में इसे बढ़ाकर 300 दिन कर दिया गया। अब बिहार वित्त विभाग ने सभी प्रकार की सेवानिवृत्ति के मामलों में इसी सीमा को लागू करने की पुष्टि की है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस फैसले का लाभ कई श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। इसमें सामान्य सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारी, बाहरी सेवा में प्रतिनियुक्ति के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारी और अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा सेवा के दौरान स्वास्थ्य कारणों से अशक्त घोषित किए गए कर्मचारियों को भी 300 EL तक नकद भुगतान का लाभ मिलेगा।
निलंबित कर्मचारी यदि निर्धारित आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होते हैं और उन पर किसी तरह की लंबित वसूली नहीं है, तो वे भी इस सुविधा के पात्र होंगे।
पुनर्नियुक्त कर्मचारियों पर भी लागू होगा नियम
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुनर्नियुक्ति के मामलों में भी 300 EL की सीमा लागू रहेगी। हालांकि, पहले किए गए नकद भुगतान की अवधि को इसमें शामिल माना जाएगा।
सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। इससे हजारों सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय आर्थिक लाभ मिलेगा और उन्हें अपने बचे हुए अर्जित अवकाश का उचित मूल्य मिल सकेगा।
बिहार सरकार का यह फैसला रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें सेवा समाप्ति के समय मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।





