ब्रेकिंग
RJD विधायक के ममेरे भाई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, यूनिवर्सिटी जाते वक्त बदमाशों ने रास्ते में बरसाईं गोलियां✦पटना में पूजा पंडालों पर अग्निशमन विभाग की सख्ती, 50 से अधिक की हुई जांच; खामियां दूर नहीं हुईं तो एक्शन तय✦Bihar Voter List 2027: बिहार में फिर बदलेगी वोटर लिस्ट, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट; जानें नाम जुड़वाने से हटाने तक पूरा नियम✦देवराहा बाबा की कर्मभूमि नोआवाँ में गूंजी श्रीराम कथा, पाँचवें दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़✦त्योहारों के बीच नकली मसालों के कारोबार का भंडाफोड़, SDM के नेतृत्व में फैक्ट्री पर छापेमारी✦RJD विधायक के ममेरे भाई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, यूनिवर्सिटी जाते वक्त बदमाशों ने रास्ते में बरसाईं गोलियां✦पटना में पूजा पंडालों पर अग्निशमन विभाग की सख्ती, 50 से अधिक की हुई जांच; खामियां दूर नहीं हुईं तो एक्शन तय✦Bihar Voter List 2027: बिहार में फिर बदलेगी वोटर लिस्ट, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट; जानें नाम जुड़वाने से हटाने तक पूरा नियम✦देवराहा बाबा की कर्मभूमि नोआवाँ में गूंजी श्रीराम कथा, पाँचवें दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़✦त्योहारों के बीच नकली मसालों के कारोबार का भंडाफोड़, SDM के नेतृत्व में फैक्ट्री पर छापेमारी

जब मेरा दो जगह नाम था..तब SIR में क्यों नहीं काटा गया? चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद बोले प्रशांत किशोर

दो वोटर ID रखने के मामले में चुनाव आयोग से नोटिस मिलने पर प्रशांत किशोर ने SIR पर उठाया सवाल, कहा कि एसआईआर के नाम पर क्यों सबको परेशान किया गया? जब मेरा दो जगह नाम था तो SIR में क्यों नहीं काटा गया?

बिहार
SIR पर सवाल
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को चुनाव आयोग ने दो वोटर आईडी रखने के मामले में नोटिस भेजा है। दो राज्यों के मतदाता सूची में नाम जुड़े होने को लेकर निर्वाचन विभाग ने नोटिस भेज 3 दिनों के भीतर इस संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा है। मामला एक से अधिक विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का है। नोटिस भेजे जाने के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत की। कहा कि चुनाव आयोग ने SIR चलाकर बिहार के लोगों का नाम काटने की कोशिश की। जब मेरा दो जगह नाम था, तो मेरा नाम कैसे नहीं काटा गया? 


प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि 2019 से बिहार की करगहर विधानसभा क्षेत्र का मैं वोटर हूं। दो साल तक, जब मैं कोलकाता में था, तब मैंने वहां अपना मतदाता पहचान पत्र बनवाया था। 2021 से मेरा मतदाता पहचान पत्र करगहर विधानसभा क्षेत्र का है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग यह कह रहा है कि मेरा नाम दो जगहों पर मतदाता के रूप में दर्ज है, तब बिहार में मतदाता पुनरीक्षण SIR का काम किस तरह से हुआ जब मेरा नाम काटा ही नहीं गया। एसआईआर के नाम पर क्यों सबको परेशान किया गया? अब यदि इस पर चुनाव आयोग मुझे नोटिस जारी करेगा। तो मुझे इससे कोई लेना-देना नहीं है'। इस संबंध में जन सुराज के रोहतास जिला के प्रवक्ता विनोद तिवारी ने बताया कि प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल के निर्वाचन सूची से अपना नाम हटाने के लिए पहले ही आवेदन कर चुके हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम नहीं हटाया गया। 


दरअसल प्रशांत किशोर का एक वोटर आईडी कार्ड पश्चिम बंगाल का बना हुआ है और दूसरे रोहतास के करगहर का बना हुआ है। दो राज्यों में मतदाता पहचान पत्र बने रहने के कारण चुनाव आयोग ने प्रशांत किशोर को आज मंगलवार को नोटिस भेजा और जवाब देने को कहा। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र में इस बात का जिक्र है कि  द इंडियन एक्सप्रेस में 28 अक्टूबर को इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की गयी थी। जिसके अनुसार प्रशांत किशोर का नाम बिहार एवं पश्चिम बंगाल की निर्वाचक सूची में दर्ज है।


पश्चिम बंगाल के भबानीपुर निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत मतदान केंद्र संत हेलेन स्कूल बी. रानीशंकरी लेन में दर्ज है। इसके अलावे करगहर विधान निर्वाचन क्षेत्र के 367 ( मध्य विद्यालय, कोनार, उ. भाग) क्रमांक संख्या-621 में दर्ज है। करगहर में मतदाता पहचान पत्र संख्या IUI3123718 है. निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा। उल्लंघन की स्थिति में एक वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। 


बंगाल और बिहार के वोटर लिस्ट में नाम होने पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर चिराग ने निशाना साधा है। प्रशांत किशोर के द्वारा दो वोटर आईडी कार्ड रखे जाने की बात सामने आने पर उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत बात है। उन्होंने कहा कि आप तो बहुत जानकार व्यक्ति है, सबको चुनाव जीताते हैं, चुनावी रणनीतिकार है उसके बावजूद अगर आपने ऐसी गलती की है तो निश्चित तौर पर यह कहीं से उचित नहीं है। चिराग ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका करते। वो जानकार हैं, इसके बावजूद दो-दो जगह से वोटर आईडी बना रखे हैं,यह कही से भी उचित नहीं है।