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Bihar Voter List 2027: बिहार में फिर बदलेगी वोटर लिस्ट, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट; जानें नाम जुड़वाने से हटाने तक पूरा नियम

बिहार समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर SSR कराने का निर्देश दिया है। 12 नवंबर को ड्राफ्ट और 4 जनवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होगी।

Bihar Voter List 2027: बिहार में फिर बदलेगी वोटर लिस्ट, 12 नवंबर को आएगा ड्राफ्ट; जानें नाम जुड़वाने से हटाने तक पूरा नियम
Tejpratap
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Bihar Voter List 2027 : बिहार समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का फैसला लिया है। यानी आने वाले दिनों में वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से लेकर नाम हटाने, पता बदलने और गलतियों को सुधारने तक का अभियान चलेगा। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। खास बात यह है कि यह कवायद ऐसे समय हो रही है, जब देश में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर सियासी बहस पहले से तेज रही है। अब एसएसआर के जरिए चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि योग्य मतदाताओं का नाम सूची में रहे और अपात्र या गलत तरीके से दर्ज नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाया जाए।


इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और युक्तियुक्तकरण से होगी। आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक 2 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन पूरा किया जाना है। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। यही वह तारीख होगी, जब लोग अपनी एंट्री को चेक कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक का समय दिया जाएगा। इसके बाद चुनाव मशीनरी इन दावों और आपत्तियों की जांच करेगी और 28 दिसंबर 2026 तक उनका निस्तारण किया जाएगा। तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।


इस अभियान में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं पर भी खास फोकस रहेगा। 1 जनवरी 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकेंगे। इसके अलावा जो लोग 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उन्हें भी अग्रिम आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी। यानी युवाओं को वोटर बनने के लिए अगली सूची का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल होगा। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए फॉर्म-6A होगा। वहीं किसी नाम को हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 और पता बदलने, गलत जानकारी ठीक कराने, फोटो बदलने या दिव्यांगता संबंधी जानकारी दर्ज कराने के लिए फॉर्म-8 इस्तेमाल किया जाएगा।


आयोग ने मतदान केंद्रों को लेकर भी एक अहम मानक तय किया है। सामान्य तौर पर एक बूथ पर 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं होने चाहिए। अगर किसी इलाके में मतदाताओं की संख्या ज्यादा है तो जरूरत के हिसाब से नए मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। इसमें ऊंची सोसायटी, घनी आबादी वाले इलाकों और स्लम क्षेत्रों को भी ध्यान में रखा जाएगा। मतदाताओं के लिए अच्छी बात यह है कि पूरी प्रक्रिया सिर्फ कागजी नहीं रहेगी। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। लोग वोटर सर्विस पोर्टल या ECINET ऐप के जरिए आवेदन कर सकेंगे। नए मतदाता डिजिटल e-EPIC भी डाउनलोड कर सकेंगे।


इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। पुनरीक्षण से जुड़े DEO, ERO, AERO और BLO जैसे अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर प्रक्रिया शुरू होने से लेकर अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक रोक रहेगी। आयोग की अनुमति के बिना इनका ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।राजनीतिक दलों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों से हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की है। ये एजेंट BLO के साथ मिलकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग करेंगे। राजनीतिक दलों को प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।


दरअसल, 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची को समय रहते अपडेट करना चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बिहार में भी इस अभियान का असर व्यापक होगा। अब 12 नवंबर के ड्राफ्ट के बाद असली तस्वीर सामने आएगी कि किसके नाम सूची में हैं, किसके नाम में सुधार की जरूरत है और किन नामों पर दावा-आपत्ति आती है।