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Bihar News: नौकरी जॉइन करेंगी डॉक्टर नुसरत? हिजाब विवाद पर सहेली ने दिया जवाब

बिहार के राजकीय तिब्बी कॉलेज में हाल ही में हुए हिजाब विवाद के बीच डॉक्टर नुसरत परवीन की नौकरी जॉइनिंग पर सस्पेंस बना हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत का हिजाब हटाया था, जिससे वह थोड़ी असहज हो गईं। इस मामले में उनकी सहेली ने...?

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PRIYA DWIVEDI
5 मिनट

Bihar News: बिहार के राजकीय तिब्बी कॉलेज में हाल ही में हुए हिजाब विवाद के बीच डॉक्टर नुसरत परवीन की नौकरी जॉइनिंग पर सस्पेंस बना हुआ था। इस घटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत का हिजाब हटाया था, जिससे वह थोड़ी असहज हो गईं। इस मामले में उनकी सहेली ने बयान दिया है कि नुसरत अपनी नौकरी कल जॉइन करेंगी और मुख्यमंत्री से नाराज नहीं हैं। 


दरअसल, राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) मोहम्मद महफजुर रहमान ने कहा, “डॉ. नुसरत ने अपनी दोस्त से बातचीत की है और उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से नाराज नहीं हैं। उन्होंने 20 दिसंबर को कॉलेज जॉइन करने का फैसला किया है।”


दरअसल, 15 दिसंबर को जॉइनिंग लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. नुसरत का हिजाब हल्का सरका दिया था। यह घटना मीडिया में तेजी से फैल गई और कुछ लोगों ने नाराजगी जताई।


4 दिन से कॉलेज नहीं आईं

नुसरत परवीन को कॉलेज में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने बताया कि वह पढ़ाई में काफी होशियार हैं और नियमित कॉलेज आती रही हैं। पिछले सात साल से वह हमेशा हिजाब में कॉलेज आती रही हैं। “जब उन्हें ज्वॉइनिंग से जुड़ा मैसेज मिला, तो वह बहुत खुश थीं। उनके कई सपने थे, लेकिन इस घटना के बाद वह थोड़ी आहत हैं। इस वजह से पिछले चार दिन से कॉलेज नहीं आई हैं,” शिक्षक ने कहा।


नुसरत का शैक्षणिक सफर

बता दें कि नुसरत ने राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल, कदमकुआं, पटना से पढ़ाई की है। यह कॉलेज यूनानी चिकित्सा शिक्षा और इलाज का प्रमुख केंद्र है, जहां BUMS (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) की पढ़ाई कराई जाती है। वहीं, कॉलेज से जुड़े अस्पताल में आम लोगों का इलाज होता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। नुसरत यहां पीजी की पढ़ाई पूरी कर रही हैं और साथ ही प्रैक्टिस भी कर रही हैं। उनका अभी एक साल शेष है।


प्रिंसिपल का बयान: CM की मंशा गलत नहीं थी

प्रो. महफजुर रहमान ने कहा कि डॉ. नुसरत परवीन पढ़ाई में उत्कृष्ट छात्रा हैं और ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई कर दाखिला लिया था। “कॉलेज में उनका अकादमिक प्रदर्शन और व्यवहार हमेशा सराहनीय रहा है। जो घटना हुई, उसे गलत तरीके से पेश किया गया है। मुख्यमंत्री की मंशा प्यार और सम्मान की थी, न कि कोई गलत इरादा। मीडिया ने इसे अलग रूप में दिखाया।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर शिक्षा और रोजगार में आगे बढ़ाया गया है और इस मामले को गलत दिशा में मोड़ने वाले कुछ लोग हैं।


शिक्षक और छात्राओं के विचार

सूचना के आधार पर नुसरत के विभाग के शिक्षक ने बताया कि वह पीजी फर्स्ट ईयर की छात्रा हैं और ग्रेजुएशन भी इसी कॉलेज से पूरी की। “वह नियमित रूप से कॉलेज आती हैं और उनका व्यवहार हमेशा अनुशासित और शालीन रहा है। पिछले सात साल में हम कभी उनका चेहरा नहीं देख पाए क्योंकि वह हमेशा हिजाब में आती रही हैं।”


छात्र डॉक्टर ईशर अहमद ने कहा, “किसी भी महिला की इज्जत सबसे ऊपर होती है। हिजाब पहनना उनका निजी फैसला है। इसमें दखल देना गलत है। मुख्यमंत्री हों या कोई आम व्यक्ति, ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए। नीतीश कुमार को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।”


फाइनल ईयर की एक छात्रा ने कहा, नुसरत असहज हो गईं। किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को किसी की निजता पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। वह हिजाब में ही ज्वॉइनिंग लेटर लेने गई थीं। सीएम का यह कदम बेवजह का तमाशा बन गया।


15 दिसंबर को CM नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। डॉ. नुसरत को नियुक्ति पत्र देने के बाद मुख्यमंत्री ने उनके हिजाब की ओर इशारा किया और कहा, “हटाइए इसे।” इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथ से हिजाब हटाया। डिप्टी CM सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते नजर आए। इस घटना के दौरान महिला थोड़ी असहज हुईं और आसपास मौजूद लोग हंसने लगे। हालांकि इस पूरे मामले नुसरत और उसके परिवारवालों का कोई बयान नहीं आया है। इस लिए अभी तय नहीं हो सका है किडॉ. नुसरत नौकर को जॉइन करेंगी। 

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