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2 लाख लगाइए, चंद दिनों में पैसा डबल... बिहार में साइबर ठगों का बड़ा खेल, 4 जिलों से 89 लाख उड़ाए

Bihar Cyber Crime News: बिहार में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। निवेश पर कुछ ही दिनों में डबल रिटर्न और सरकारी योजनाओं का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के नए तरीकों और हॉटस्पॉट जिलों को लेकर अहम...

2 लाख लगाइए, चंद दिनों में पैसा डबल... बिहार में साइबर ठगों का बड़ा खेल, 4 जिलों से 89 लाख उड़ाए
Ramakant kumar
5 मिनट

Bihar Cyber Crime News: बिहार में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अब साइबर अपराधियों के निशाने पर सिर्फ शहरों में रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों के लोग भी हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाने से लेकर निवेश पर कुछ ही दिनों में कई गुना रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है.


पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च से अगस्त के बीच साइबर ठगी से जुड़े कुल 888 मामले दर्ज किए गए. इस दौरान पुलिस ने 89 लाख रुपये से अधिक की रकम वापस कराई है, जबकि 65 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.


मार्च में साइबर ठगी के 132 मामले सामने आए और पुलिस ने 5 लाख 70 हजार 853 रुपये वापस कराए. इस दौरान सात लोगों को गिरफ्तार किया गया. अप्रैल में 168 मामले दर्ज हुए और 19 लाख 70 हजार 503 रुपये की रिकवरी हुई, जबकि छह गिरफ्तारियां की गईं.


मई में साइबर ठगी के 179 मामले सामने आए. पुलिस ने 19 लाख 84 हजार 112 रुपये वापस कराए और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया. जून में 181 मामले दर्ज हुए और 9 लाख 54 हजार 857 रुपये की राशि वापस कराई गई. इस महीने सात लोगों की गिरफ्तारी हुई.


जुलाई में 118 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज हुए. पुलिस ने 30 लाख 14 हजार 285 रुपये वापस कराए और 18 लोगों को गिरफ्तार किया. अगस्त में 110 मामले सामने आए और 7 लाख 90 हजार 48 रुपये की रकम वापस कराई गई. इस दौरान 22 आरोपित गिरफ्तार किए गए.


सरकारी योजना के नाम पर खुलवाए जा रहे बैंक खाते

साइबर पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में ठगी का एक तरीका सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाना भी है. लोगों को शौचालय निर्माण, अनाज और दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर खाते खुलवाए जाते हैं. बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़े पैसों के लेनदेन में किए जाने के मामले सामने आए हैं.


पटना साइबर थाना की एसएचओ संगीता कुमारी के मुताबिक, जांच के दौरान एक गांव में इसी तरह का मामला सामने आया था. इसमें एक महिला अलग-अलग सरकारी योजनाओं का नाम लेकर ग्रामीणों को बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार करती थी. बाद में जांच में इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किए जाने की जानकारी सामने आई.


निवेश पर कई गुना रिटर्न का लालच देकर फंसा रहे ठग

साइबर पुलिस के अनुसार, इन दिनों इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के मामले भी सामने आ रहे हैं. इसमें लोगों को कम समय में कई गुना रिटर्न देने का लालच दिया जाता है. शुरुआत में कम रकम निवेश कराकर पीड़ित का भरोसा जीता जाता है. इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर लगातार बड़ी रकम निवेश कराई जाती है.


कई मामलों में जब लोगों को ठगी का एहसास होता है, तब तक वे शुरुआती रकम से कई गुना अधिक पैसा लगा चुके होते हैं.


फर्जी सिम से ज्यादा बैंक खातों पर पुलिस की नजर


साइबर अपराधियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है, क्योंकि कई मामलों में अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिम फर्जी दस्तावेजों पर लिए जाते हैं. ऐसे में पुलिस बैंक खातों और पैसों के ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़कर आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश करती है.


साइबर पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले पीड़ित की रकम को रोकने या वापस कराने की कोशिश की जाती है. जिस रकम को समय रहते रोका जा सकता है, उसके लिए तत्काल कार्रवाई की जाती है.


पटना समेत ये जिले साइबर अपराध के हॉटस्पॉट

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बिहार में साइबर अपराध से जुड़े मामले 2024 से बढ़े हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में साइबर क्राइम के 68,931 मामले दर्ज हुए थे. 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,17,812 हो गई. 2026 में भी 1.14 लाख से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.


बिहार में पटना, नवादा, नालंदा और शेखपुरा को साइबर अपराध के हॉटस्पॉट जिलों में शामिल किया गया है.


सोशल मीडिया पर फोटो और निजी जानकारी को लेकर भी सावधानी

साइबर ठगी सिर्फ बैंक खातों से पैसे निकालने तक सीमित नहीं है. सोशल मीडिया पर लोगों की तस्वीरों और निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल के मामले भी सामने आते हैं. साइबर पुलिस लोगों को अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट और फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी पहचान जांचने की सलाह देती है.


पुलिस के अनुसार, किसी भी आकर्षक निवेश या ऑफर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पहले उसकी वास्तविकता जांचनी चाहिए. कम समय में कई गुना पैसा देने का दावा करने वाले ऑफर को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है.


साइबर पुलिस के मुताबिक, बिहार में हर महीने करीब 100 से 150 साइबर अपराध से जुड़ी एफआईआर दर्ज हो रही हैं. मामलों की जांच के लिए पुलिस नई तकनीक और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि ठगी की रकम को समय रहते रोका जा सके और अपराधियों तक पहुंचा जा सके.