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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, सचिवालय लिपिकीय सेवा नियमावली 2026 में हुए अहम बदलाव

बिहार कैबिनेट बैठक में सचिवालय लिपिकीय सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। अब निम्नवर्गीय और उच्चवर्गीय लिपिकों के नए पदनाम होंगे, प्रोन्नति कोटा 25% किया गया है और परिवीक्षा अवधि घटाकर एक वर्ष कर दी गई है।

बिहार न्यूज
तीन बड़े बदलाव
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: पटना स्थित मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। सम्राट चौधरी कैबिनेट की इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत सभी मंत्री मौजूद रहे। कैबिनेट बैठक में बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई, जिसमें तीन बड़े बदलाव किए गए हैं।


पहला संशोधन यह है कि केंद्रीय सचिवालय लिपिकीय सेवा की तर्ज पर बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा में निम्नवर्गीय लिपिक और उच्चवर्गीय लिपिक के पदनाम बदल दिए गए हैं। अब इन्हें क्रमशः “कनीय सचिवालय सहायक” और “वरीय सचिवालय सहायक” कहा जाएगा। दूसरे संशोधन के तहत कार्यालय परिचारी एवं परिचारी (विशिष्ट) को प्रोन्नति के जरिए कनीय सचिवालय सहायक के पद पर नियुक्ति का प्रतिशत 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है।


तीसरे संशोधन में कनीय सचिवालय सहायक के पद पर नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि को दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से सचिवालय कर्मियों के कार्य प्रणाली और प्रोन्नति व्यवस्था में सुधार आएगा।

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