Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीन का दुश्मन अगर कोई है तो वो हैं राजस्व सेवा के अधिकारी-कर्मी. कर्मचारी, राजस्व अधिकारी और अंचल अधिकारी और भू माफियाओं के गठजोड़ ने जमीन संबंधी विवाद को और गहरा दिया है. सरकार के तमाम दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं. मंत्री स्तर से कार्रवाई का सिर्फ दिखावा किया जा रहा. हकीकत यही है कि जो अंचल अधिकारी गड़बड़ी कर रहा, उसे फील्ड से नहीं हटाया जा रहा. नया मामला मोतिहारी का है, जहां अंचल अधिकारी ने सरकारी जमीन का ही दाखिल खारिज कर दिया.
बिहार सरकार अंचल कार्यालय का भ्रष्टाचार रोकने व आमलोगों को सुलभता प्रदान करने के लिए लगातार भ्रष्ट पदाधिकारियो पर कार्रवाई कर रही है. इसके बाद भी अंचल कार्यालय का भ्रष्टाचार रुकने का नाम नही ले रहा। कुछ पदाधिकारी नियम-कानून को ठेंगे पर रखकर सरकार की संपत्ति को ही नीलाम कर रहे. भ्रष्टाचार का खेल इतना निराला है कि अधिकारी को कार्रवाई का डर नहीं . ताजा मामला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पहाड़पुर अंचल के सीओ,आरओ व कर्मचारी से जुड़ा है. इस अंचल से जुड़े जमीन के दाखिल खारिज का एक पेपर वायरल हो रहा है. जिसमें 28 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन की दाखिल खारिज किया जाना बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वो कागजात ट्रोल हो रहा.
मोतिहारी के पहाड़पुर अंचल कार्यालय के कर्मचारी-आरओ व सीओ के कारनामे का कागजात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उक्त कागजात में पहाड़पुर अंचल के अमवा निजाद के खाता संख्या 151 खेसरा 56 व 70 का 27.88 डिसमिल जमीन का पहाड़पुर अंचल द्वारा दाखिल खारिज किया गया है. ऑनलाइन रिपोर्ट में राजस्व कर्मचारी ,आरओ व सीओ का रिपोर्ट लगा हुआ है। जबकि एक और कागजात सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमे खाता संख्या- 151 गैरमजरूआ अंकित है। सोशल मीडिया पर वायरल कागजात खूब ट्रोल हो रहा है।
आमलोग यह कहते नही थक रहे कि अंचल कार्यालय का भ्रष्टाचार रुकने का नाम नही ले रहा। विभागीय मंत्री से लेकर सचिव सिर्फ दिखावे के लिए सख्ती बरत रहे. हकीकत कुछ और ही है.
जून 2026 में सीओ ने सरकारी जमीन का किया दाखिल खारिज

खतियान में दर्ज है गैरमजरूआ भूमि, बिना देखे ही कर दिया दाखिल खारिज






