Bihar Toll Tax News: भोजपुर जिले में सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाईवे (SH-81) पर लोदीपुर गांव के पास नए टोल प्लाजा का निर्माण शुरू हो गया है. निर्माण पूरा होने के बाद इस इलाके में करीब 20 किलोमीटर के दायरे में तीन अलग-अलग जगहों पर टोल शुल्क देना पड़ सकता है. इससे खासकर बालू ढुलाई में लगे ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका है.
चांदी थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव के समीप टोल प्लाजा बनाने का काम शुरू किया गया है. निर्माण शुरू होने से पहले अंचल प्रशासन की ओर से जमीन का सीमांकन कराया गया. कोईलवर के अंचल अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि निर्माण स्थल की जमीन का सीमांकन पूरा हो चुका है. इसके बाद संबंधित एजेंसी ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया.
फिलहाल टोल प्लाजा के निर्माण स्थल पर सड़क के दोनों तरफ मिट्टी भराई और सड़क चौड़ीकरण का काम कराया जा रहा है. सरकार की ओर से एजेंसी को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है. निर्माण पूरा होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों से टोल शुल्क वसूली शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.
20 किलोमीटर में तीन जगह पड़ सकता है टोल
सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाईवे भोजपुर का प्रमुख मार्ग है. इस सड़क पर बालू लदे ट्रकों के साथ बड़ी संख्या में अन्य व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही होती है. लोदीपुर में नया टोल प्लाजा शुरू होने के बाद आसपास के करीब 20 किलोमीटर के क्षेत्र में वाहन चालकों को तीन अलग-अलग टोल प्लाजा से गुजरना पड़ सकता है.
ट्रक चालकों के अनुसार, लोदीपुर से करीब सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर सकड्डी-कुल्हड़िया के पास NH-922 पर पहले से टोल प्लाजा मौजूद है. वहीं आरा-छपरा हाईवे पर बबुरा के पास भी टोल प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है. ऐसे में तीनों जगहों पर टोल शुल्क लागू होने पर कम दूरी में ही वाहन चालकों को कई बार शुल्क देना पड़ सकता है.
बालू ढुलाई का खर्च बढ़ने की आशंका
भोजपुर में बालू ढुलाई के लिए बड़ी संख्या में ट्रक चलते हैं. ऐसे में अलग-अलग टोल प्लाजा पर शुल्क लगने से वाहन मालिकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों का खर्च बढ़ सकता है. इसका असर बालू ढुलाई की लागत पर भी पड़ने की संभावना है. हालांकि, वास्तविक आर्थिक असर टोल की दरों, लागू नियमों और वाहनों की आवाजाही पर निर्भर करेगा.
स्थानीय वाहन चालकों पवन सिंह और रितेश ने कहा कि लोदीपुर, सकड्डी-कुल्हड़िया और बबुरा के आसपास टोल प्लाजा होने से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है. उन्होंने मांग की कि टोल व्यवस्था लागू करने के साथ हाईवे पर जाम की समस्या दूर करने के लिए भी ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे.





