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Orphan Child Support Scheme : अनाथ व बेसहारा बच्चों को सरकार का सहारा, इस योजना के तहत हर महीने मिल रहा 1 हजार रुपये

बिहार सरकार की परवरिश योजना अनाथ, बेसहारा और विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत सरकार हर पात्र बच्चे को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है

Orphan Child Support Scheme : अनाथ व बेसहारा बच्चों को सरकार का सहारा, इस योजना के तहत हर महीने मिल रहा 1 हजार रुपये
Tejpratap
Tejpratap
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Orphan Child Support Scheme : बिहार सरकार की परवरिश योजना अनाथ, बेसहारा और विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ऐसे बच्चों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, ताकि उनके भरण-पोषण, शिक्षा और दैनिक जरूरतों में मदद मिल सके। योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी या सामाजिक उपेक्षा के कारण बेहतर जीवन से वंचित न रह जाए।


 यह योजना प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। वर्तमान में कई बच्चे परवरिश योजना का लाभ उठा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत अनाथ, बेसहारा, एचआईवी/एड्स से पीड़ित तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित बच्चों को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में सीधे भेजी जा रही है। इससे न केवल बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी विकसित हो रही है।


जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में कई इलाकों  विशेष कैंप लगाया जा रहा है, जहां नए लाभुकों का चयन किया जा रहा है। यह कैंप सात दिसंबर से चल रहा है और इसमें अभिभावक या संबंधित व्यक्ति बच्चों के आवेदन जमा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

परवरिश योजना के अंतर्गत उन बच्चों को सहायता दी जाती है जो अनाथ या बेसहारा हैं और अपने निकटतम रिश्तेदारों या संबंधियों के साथ रह रहे हैं। इसके अलावा, एचआईवी, एड्स या कुष्ठ रोग से ग्रसित बच्चे भी इस योजना के पात्र हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे बच्चे समाज के हाशिए पर न जाएं और उन्हें भी सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले, इसके लिए आर्थिक सहयोग बेहद जरूरी है।

योजना की पात्रता शर्तों के अनुसार बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। सामान्य मामलों में बच्चे का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 60 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। हालांकि, एचआईवी, एड्स एवं कुष्ठ रोग से पीड़ित बच्चों के मामले में आय सीमा की बाध्यता नहीं रखी गई है। यानी यदि वार्षिक आय 60 हजार से अधिक भी हो, तब भी ऐसे बच्चे योजना का लाभ ले सकते हैं।


आवेदन पत्र आंगनबाड़ी केंद्र, सीडीपीओ कार्यालय तथा सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई से नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। भरे हुए आवेदन इन्हीं कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा, सदर अस्पताल में लगाए गए विशेष कैंप में भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक लोग 06182-295008 पर संपर्क कर सकते हैं।


कुल मिलाकर, परवरिश योजना से सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद प्रदान कर रही है, बल्कि बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर भी दे रही है।

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