ब्रेकिंग
BPSC TRE-3 में आरक्षण का बड़ा खेल? यूपी-ओडिशा के अभ्यर्थियों को बिहार में आरक्षित कोटे से मिली नौकरी, अब खुला पूरा मामलाBihar Education : सरस्वती की जगह लक्ष्मी की उपासना? DPO अजीत अमर तो बानगी हैं, इसी विभाग के एक और अफसर के बारे में जानें- रिश्तेदार के नाम पर 'पेट्रोल पंप' से लेकर अन्य में करोड़ों के निवेश‘बिहार में लागू हो शराबबंदी का गुजरात मॉडल’, जीतन राम मांझी ने फिर से उठाई पुरानी मांग; NCAER के रिसर्च पर चर्चा तेजदिल्ली से बिहार के 18 शहरों तक सीधी बस: पटना से किशनगंज तक जुड़ेंगे नए रूट, यहां देखें पूरी लिस्ट और जानें किन शहरों को मिलेगा फायदाबिहार-झारखंड बॉर्डर पर शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब: लग्जरी कार के गुप्त तहखाने से विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, तस्कर गिरफ्तारBPSC TRE-3 में आरक्षण का बड़ा खेल? यूपी-ओडिशा के अभ्यर्थियों को बिहार में आरक्षित कोटे से मिली नौकरी, अब खुला पूरा मामलाBihar Education : सरस्वती की जगह लक्ष्मी की उपासना? DPO अजीत अमर तो बानगी हैं, इसी विभाग के एक और अफसर के बारे में जानें- रिश्तेदार के नाम पर 'पेट्रोल पंप' से लेकर अन्य में करोड़ों के निवेश‘बिहार में लागू हो शराबबंदी का गुजरात मॉडल’, जीतन राम मांझी ने फिर से उठाई पुरानी मांग; NCAER के रिसर्च पर चर्चा तेजदिल्ली से बिहार के 18 शहरों तक सीधी बस: पटना से किशनगंज तक जुड़ेंगे नए रूट, यहां देखें पूरी लिस्ट और जानें किन शहरों को मिलेगा फायदाबिहार-झारखंड बॉर्डर पर शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब: लग्जरी कार के गुप्त तहखाने से विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, तस्कर गिरफ्तार

Bharat Tiwari Encounter : "भरत तिवारी केस में गांव पहुंचे रिटायर्ड जज, मां बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी दो, प्रशासन गुंडा है CBI जांच की मांग तेज"

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने परिजनों से मुलाकात कर घटनास्थल का निरीक्षण किया।

Bharat Tiwari Encounter
Bharat Tiwari Encounter
© REPORTER
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा अपनी जांच टीम के साथ शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचे। उनके साथ शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, पुलिस अधीक्षक राज समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।


जांच टीम ने सबसे पहले मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने भरत के माता-पिता और भाई से अलग-अलग बातचीत कर उनकी बातें सुनीं। इसके बाद टीम ने घटना से जुड़े विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।


मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि न्यायिक जांच टीम ने उनसे उनकी मांगों को लिखित रूप में देने को कहा। आशा देवी ने बताया कि उन्होंने न्यायाधीश के सामने अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आशा देवी ने आरोप लगाया कि मामले में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।


गौरतलब है कि 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी चर्चा बटोरी थी। बढ़ते विवाद और जनदबाव के बाद मुख्यमंत्री की ओर से न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे।


इधर, एनकाउंटर के आठवें दिन भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज भी भरत तिवारी के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे। एसपी कार्यालय से बिलौटी गांव की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है, लेकिन इस दूरी को तय करने में पुलिस अधीक्षक को आठ दिन लगने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


बुधवार देर रात एसपी राज पुलिस बल के साथ भरत तिवारी के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक परिजनों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी पक्ष को रखने नहीं, बल्कि परिवार की पीड़ा और उनका पक्ष सुनने के लिए आए हैं।


एसपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, भरत की मां आशा देवी ने एसपी के सामने भी सीबीआई जांच की मांग दोहराई और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


इस बीच मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के विधान पार्षद पवन सिंह के भी गुरुवार को भरत तिवारी के परिजनों से मिलने की संभावना है। ऐसे में न्यायिक जांच के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।अब पूरे मामले में न्यायिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों को उम्मीद है कि जांच के जरिए उन्हें न्याय मिलेगा, जबकि प्रशासन निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहा है।