Bihar News: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार इन दिनों ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. सिडनी में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई संसद का दौरा किया और वहां ऑस्ट्रेलियाई अटॉर्नी जनरल माइकल डेली, मंत्री जिहाद डिब समेत कई सांसदों से मुलाकात कर संसदीय संवाद किया.
इस मुलाकात के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार की विकास यात्रा और राज्य में निवेश की संभावनाओं को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे लोग और वहां के कारोबारी बिहार के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. विश्व बैंक के अप्रैल 2026 के अपडेट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि 7.6 प्रतिशत रही.
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, कृषि क्षमता और उद्यमशीलता है. उन्होंने बिहार में सड़क, पुल, कनेक्टिविटी, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में काम की बात रखी.
उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई संसद के सदस्यों से भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग के अगले चरण में बिहार को भी एक महत्वपूर्ण भागीदार के तौर पर देखने की अपील की. उनका कहना था कि बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं.
बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझेदारी की बात
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में निवेश और तकनीकी सहयोग से राज्य में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में मौजूद बिहार से जुड़े लोगों और वहां के विशेषज्ञों से भी राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की.
सिडनी में प्रवासी बिहारियों के साथ संवाद के दौरान भी डॉ. प्रेम कुमार ने निवेश, विशेषज्ञता और वैश्विक संपर्क के जरिए बिहार के विकास में सहयोग की बात कही थी. उन्होंने उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की.
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सिडनी में हुई बातचीत सिर्फ भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच भी लंबे समय के सहयोग का रास्ता तैयार होना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के संवाद से बिहार के लिए निवेश, तकनीक और नए अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं.





