Bihar News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि में फेरबदल किए जाने के आरोप को लेकर गुरुवार को वित्त पदाधिकारी (एफओ) ब्रजकिशोर प्रसाद और सेवानिवृत्त एसओ सुनील कुमार के बीच नोकझोंक हो गई। सुनील कुमार मामले की जानकारी लेने एफओ कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि में बदलाव कर समर्थ पोर्टल पर वर्ष 2001 दर्ज किए जाने का मामला उठाया। टीएनबी कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि में भी इसी तरह के बदलाव किए जाने का आरोप लगाया गया है।मामले की जानकारी मिलने पर प्रभारी कुलपति ने प्राक्टर को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। हालांकि, प्राक्टर के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत हो गया।
एफओ ब्रजकिशोर प्रसाद ने सुनील कुमार पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। वहीं, सुनील कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि उन्होंने सम्मानपूर्वक तरीके से मामले की जानकारी मांगी थी।
वहीं टीएनबी कॉलेज के बीसीए विभाग की एक महिला फैकल्टी पर छात्र-छात्राओं ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने मामले की जांच की और संबंधित फैकल्टी से आरोपों को लेकर उनका पक्ष जाना।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दीपो महतो ने बताया कि फैकल्टी को विद्यार्थियों के प्रति अपने व्यवहार में सुधार करने और बेहतर तरीके से पठन-पाठन कराने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी फैकल्टी के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसी वजह से उन्हें चेतावनी पत्र भेजा जा रहा है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया था कि फैकल्टी कक्षाएं नहीं लेती थीं और विरोध करने पर उनके स्वजन से गलत शिकायत करती थीं। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा शिकायत मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
इधर, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के आरोप में टीएमबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे ने सर्वानंद प्रसाद से शोकॉज किया है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को वेतन भुगतान से संबंधित लंबित प्रक्रिया पूरी की जानी थी। इसको लेकर रजिस्ट्रार को निर्देश भी मिला था। लेकिन जब रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय पहुंचे तो संबंधित कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।
रजिस्ट्रार ने फोन कर कर्मचारी को तत्काल विश्वविद्यालय पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद बुधवार शाम से वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सकी, जो रात करीब नौ बजे तक चली। गुरुवार को भी प्रक्रिया जारी रही। हालांकि, गुरुवार शाम तक वेतन भुगतान से संबंधित प्रक्रिया कोषागार को नहीं भेजी जा सकी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले में संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।



