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Sultanganj Aguwani Bridge: फिर शुरू हुआ सुल्तानगंज-अगुवानी पुल का निर्माण, नए डिजाइन के साथ इतने महीने में होगा तैयार

Sultanganj Aguwani Bridge: सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का निर्माण नए डिजाइन के साथ हुआ शुरू, इतने महीने में होगा पूरा। हाईकोर्ट के निर्देश पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने किया काम शुरू।

Sultanganj Aguwani Bridge
सुल्तानगंज-अगुवानी पुल
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Sultanganj Aguwani Bridge:  दो बार धराशायी हो चुका बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल अब नए डिजाइन के साथ फिर से बनना शुरू हो गया है। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने इसके पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। 1,710 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।


पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से, विशेष रूप से पिलर नंबर 9 के पास अब कम्पोजिट स्टील बीम और कंक्रीट डेक केबल स्टे तकनीक से बनाए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में एप्रोच रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है ताकि यातायात जल्द शुरू हो सके। आईआईटी रुड़की की तकनीकी सलाह के आधार पर नींव में सुधार और सुपर-स्ट्रक्चर का निर्माण नए डिजाइन के अनुसार हो रहा है। यह डिजाइन तीसरे पक्ष के ऑडिट से जांचा जा रहा है ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।


30 अप्रैल 2022 और 4 जून 2023 को पुल का सुपर-स्ट्रक्चर गिरने के बाद डिजाइन में खामियां पाई गई थीं। इसके चलते हाईकोर्ट ने ठेकेदार कंपनी एसपी सिंगला को अपनी लागत पर पुनर्निर्माण का आदेश दिया था। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए BSBCCL ने एक परियोजना क्रियान्वयन इकाई बनाई है, जिसमें अनुभवी स्ट्रक्चरल इंजीनियर और आईआईटी जैसे संस्थानों की स्वतंत्र तकनीकी टीम शामिल है। यह टीम नियमित निरीक्षण और मार्गदर्शन देगी। निगम के अध्यक्ष मासिक समीक्षा करेंगे, जबकि प्रबंध निदेशक हर 15 दिन में साइट का दौरा करेंगे।


ज्ञात हो कि यह पुल भागलपुर के सुल्तानगंज को खगड़िया के अगुवानी से जोड़ेगा, जिससे दोनों जिलों के बीच की 90 किमी की दूरी घटकर मात्र 30 किमी रह जाएगी। यह उत्तर बिहार को झारखंड और बंगाल से जोड़ने में भी अहम होगा। स्थानीय लोग और सुल्तानगंज के विधायक ललित नारायण मंडल इस परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि, बार-बार हादसों ने निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों को हवा दे दी है, जिसे दूर करने के लिए अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

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