ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद, क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद, क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलब

बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?

BHAGALPUR: एक तरफ शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक स्कूलों में छात्र-छात्राओं की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति की बात करते हैं वही दूसरी ओर कई स्कूलों की स्थिति ऐसी है जिस

बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BHAGALPUR: एक तरफ शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक स्कूलों में छात्र-छात्राओं की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति की बात करते हैं वही दूसरी ओर कई स्कूलों की स्थिति ऐसी है जिससे यहां आने वाले बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिहार के कई स्कूल तो राम भरोसे है। जी हां हम बात कर रहे हैं भागलपुर के प्राथमिक विद्यालय की जहां आज बड़ा हादसा टल गया। दरअसल सुलतानगंज के कटहरा पंचायत स्थित आजाद नगर प्राथमिक विद्यालय के कमरे का फर्श का बड़ा हिस्सा धंस गया एक बड़ा गड्ढा बन गया। 


इस गड्ढे के अंदर क्लास रुम में रखे डेस्क और बेंच समा गये। जमीन के नीचे पानी का सोखता बना हुआ था और फर्श के नीचे के हिस्से की जमीन पर पिलर तक नहीं था जिसके कारण फर्श धंस गया। जमीन के अचानक धंस जाने की घटना सुबह की है यदि क्लास रुम में उस वक्त एक साथ सभी बच्चे रहते तब यह बड़ी घटना हो सकती थी। स्कूल के बच्चे अभी भी भयभीत हैं कि कही फिर फर्श ना धंस जाए। स्कूल के प्रिसिंपल नंदकिशोर सिंह से जब हमने इस संबंध में बात की तब उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर हमने कई बार पत्र लिखा है लेकिन ना तो आज तक पत्र का जवाब आया और ना ही इस समस्या से मुक्ति ही मिल पाई है। 


इस स्कूल का भवन सही नहीं है कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि 6 महीने से इस कमरे में बच्चे को नहीं बिठा रहे थे। एक ही रूम में भगवान भरोसे कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। बता दें कि इस स्कूल में ऐसी घटना कोई पहली दफे नहीं हुई है इससे पहले भी 6 मार्च 2020 को इस स्कूल का शौचालय गिर गया था। 


जिसमें तीन छात्राएं फंस गयी थी जिसमें  एक की मौत हो चुकी थी दो गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इस तरह से कैसे शिक्षा व्यवस्था में सुधरेगी। 75% उपस्थिति की बात कही जाती है और ऐसा नहीं करने पर छात्रों का नाम स्कूल से काट दिया जाता है। लेकिन जब स्कूल में छात्रों के बैठने तक की जगह नहीं रहेगी तो वो स्कूल आकर ही क्या करेंगे जब व्यवस्था ही गड़बड़ हो। क्लास रूम के फर्श का एक बड़ा हिस्सा धंस गया इसके लिए जिम्मेवार कौन है?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?बिहार के सरकारी स्कूलों का हाल देखिये: कमरे के फर्श का बड़ा हिस्सा धंसा, कौन है जिम्मेदार?