ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिला

2 सिर, 4 हाथ और 3 पैर वाले अद्भुत बच्चे का जन्म, बच्चे को देखने के लिए उमड़ी भीड़

BHAGALPUR: जिले नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक अद्भुत बच्चे का जन्म हुआ है। 2 सिर, 4 हाथ और 3 पैर वाले बच्चे की जन्म की खबर मिलते ही बच्चे को देखने के लिए अस्पताल परिसर में लोगों

2 सिर, 4 हाथ और 3 पैर वाले अद्भुत बच्चे का जन्म, बच्चे को देखने के लिए उमड़ी भीड़
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

BHAGALPUR: जिले नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक अद्भुत बच्चे का जन्म हुआ है। 2 सिर, 4 हाथ और 3 पैर वाले बच्चे की जन्म की खबर मिलते ही बच्चे को देखने के लिए अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।  


बताया जाता है कि धोबिनिया के रहने वाले मनोज यादव और सुभद्रा देवी का यह पांचवा बच्चा था। आज सुबह ही प्रसव पीड़ा के बाद सुभद्रा देवी को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जहां इस अद्भुत बच्चे ने जन्म लिया। बच्चे को दो सिर, चार हाथ और तीन पैर है। हालांकि जन्म के कुछ समय बाद ही मौत हो गयी। 


नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि ऐसे बच्चे के जन्म लेने के बाद बचने की उम्मीद कम रहती है। जब बच्चे का शुक्राणु बनता है उसी समय कुछ मामलों में उसमें विभाजन हो जाता है। इसी कारण इस तरह के बच्चे का जन्म होता है। यह बहुत कम ही लोगों में देखने को मिलता है। 


वही परिजनों ने बताया कि अस्पताल में ही सुभद्रा देवी का इलाज और नियमित जांच वे करा रहे थे। लेकिन डॉक्टरों ने यह जानकारी नहीं दी की पेट में पल रहा बच्चा कैसा है। यदि इसकी जानकारी दी गयी होती तो बेहतर इलाज के लिए कही और ले जाते लेकिन उनसे डॉक्टर हमेशा यही बात कहते आए कि पेट में पल रहा बच्चा बिलकुल ठीक है। डॉक्टर यदि समय पर सब कुछ स्पष्ट बताते तो शायद बच्चे को बचाया जा सकता था। 


टैग्स