ब्रेकिंग
बिहार के पूर्व मंत्री का बेटा निकला स्मगलर, 10 लाख की स्मैक के साथ पुलिस ने पकड़ा; स्पोर्ट्स बाइक से कर रहा था तस्करीसरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की वसूली, समस्तीपुर में पुलिस ने किया बड़ा खुलासारामलला के दरबार से मुकेश सहनी ने भरी हुंकार, कहा.. 2027 से पहले निषाद समाज को मिले आरक्षणबिहार में सनसनीखेज वारदात: शौच के लिए गई महिला को बनाया हवस का शिकार, गैंगरेप के बाद की हैवानियत; प्राइवेट पार्ट से गोली मिलने के दावे से सनसनीबिहार में दर्दनाक हादसा: तीन नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत, नदी में नहाने के दौरान गई जानबिहार के पूर्व मंत्री का बेटा निकला स्मगलर, 10 लाख की स्मैक के साथ पुलिस ने पकड़ा; स्पोर्ट्स बाइक से कर रहा था तस्करीसरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की वसूली, समस्तीपुर में पुलिस ने किया बड़ा खुलासारामलला के दरबार से मुकेश सहनी ने भरी हुंकार, कहा.. 2027 से पहले निषाद समाज को मिले आरक्षणबिहार में सनसनीखेज वारदात: शौच के लिए गई महिला को बनाया हवस का शिकार, गैंगरेप के बाद की हैवानियत; प्राइवेट पार्ट से गोली मिलने के दावे से सनसनीबिहार में दर्दनाक हादसा: तीन नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत, नदी में नहाने के दौरान गई जान

पत्रकारों पर हमले के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का फूंका पुतला

बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पत्रकारों पर कथित हमले के विरोध में भाकपा ने प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया। पार्टी ने दोषी मेडिकल छात्रों की गिरफ्तारी और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

बिहार न्यूज
दोषी मेडिकल छात्रों की गिरफ्तारी की मांग
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

BETTIAH: बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना के विरोध में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पुतला भी फूंका। पार्टी के नेताओं ने दोषी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।


इस दौरान भाकपा के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि 17 जून को अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और मेडिकल छात्रों के बीच विवाद हुआ था। घटना की जानकारी लेने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ पत्रकारों को घंटों बंधक बनाकर रखा गया, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए गए तथा एक पत्रकार पर ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले ब्लेड से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गए।


उन्होंने कहा कि जीएमसीएच में मेडिकल छात्रों की दबंगई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मरीजों के परिजनों और जीविका दीदियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।


भाकपा नेता ने जिले के सिविल सर्जन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ गया है। उन्होंने बताया कि जीएमसीएच के अलावा योगापट्टी पीएचसी में भी डॉक्टरों और परिजनों के बीच विवाद के मामले सामने आ चुके हैं।


पार्टी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषी छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाकपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों और स्थानीय लोगों के समर्थन में जिलेभर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

टैग्स