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रामलला के दरबार से मुकेश सहनी ने भरी हुंकार, कहा.. 2027 से पहले निषाद समाज को मिले आरक्षण

अयोध्या पहुंचे वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने निषाद समाज के आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2027 से पहले आरक्षण नहीं मिला तो निषाद समाज भाजपा को वोट नहीं देगा और व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

बिहार न्यूज
"आरक्षण नहीं तो वोट नहीं"
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

‎पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने अयोध्या पहुंचकर निषाद समाज के आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। रामलला के दर्शन से पहले उन्होंने ऐलान किया कि यदि वर्ष 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज "आरक्षण नहीं तो वोट नहीं" का संकल्प लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाएगा। साथ ही उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों पर निषाद समाज के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाया। 


विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह रामलला के दर्शन कर निषाद समाज के आरक्षण और अधिकारों के लिए प्रार्थना करेंगे। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के लिए व्यापक जनआंदोलन छेड़ने का भी ऐलान किया।


‎मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि भगवान श्रीराम और निषादराज का संबंध ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि "हम प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करेंगे कि जिस निषाद समाज के पूर्वजों ने उन्हें नाव पार कराई थी, आज उसी समाज की नाव मझधार में फंसी हुई है। भाजपा ने कई बार निषाद समाज को आरक्षण देने का वादा किया, लेकिन आज तक उसे पूरा नहीं किया गया।"


‎सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निषाद समाज अब आरक्षण के मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी जिलों में "निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा" निकाली जाएगी। इस अभियान के तहत लाखों लोग हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प करेंगे कि यदि वर्ष 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया गया तो भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा।

‎उन्होंने कहा कि "मोदी सरकार केंद्र में और योगी सरकार उत्तर प्रदेश में है। आरक्षण देने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भुला दिया जाता है। अब निषाद समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करेगा।"

‎मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सात वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिलाया गया। उन्होंने कहा कि समाज अब ऐसे नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेगा जो समाज के मूल मुद्दों पर समझौता कर चुका हो।

‎भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोलते हुए सहनी ने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।

‎बिहार की राजनीति पर बोलते हुए वीआईपी प्रमुख ने राज्य सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है और जनादेश का सम्मान नहीं किया जा रहा है।

‎सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। आने वाले समय में समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण के लिए व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मुहिम से पूरे देश में सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी की नई बहस शुरू होगी।