ब्रेकिंग
Bihar Daroga Bharti: परीक्षा केंद्र पर मोबाइल चलाते दिखे वीक्षक, CCTV में मिली गड़बड़ी; EOU अब BPSC से पूछेगी सवालBihar News: बिहार में बाढ़ से टूटे मकान अब पीएम आवास योजना से बनेंगे? शिवराज के ऐलान से जगी उम्मीदBihar News: पटना यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी अब 14 घंटे खुलेगी, छात्रों के आंदोलन के बाद फैसलाBihar News: बिहार में टीचर ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट! बाढ़ के चलते बदली तारीख, अब 4 अक्टूबर से खुल रहा पोर्टल; जानें पूरा शेड्यूलजहानाबाद में विवाहित महिला को टेंपो चालक से हुआ प्यार, होटल में पकड़े जाने पर लोगों ने कराई शादीBihar Daroga Bharti: परीक्षा केंद्र पर मोबाइल चलाते दिखे वीक्षक, CCTV में मिली गड़बड़ी; EOU अब BPSC से पूछेगी सवालBihar News: बिहार में बाढ़ से टूटे मकान अब पीएम आवास योजना से बनेंगे? शिवराज के ऐलान से जगी उम्मीदBihar News: पटना यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी अब 14 घंटे खुलेगी, छात्रों के आंदोलन के बाद फैसलाBihar News: बिहार में टीचर ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट! बाढ़ के चलते बदली तारीख, अब 4 अक्टूबर से खुल रहा पोर्टल; जानें पूरा शेड्यूलजहानाबाद में विवाहित महिला को टेंपो चालक से हुआ प्यार, होटल में पकड़े जाने पर लोगों ने कराई शादी

बिहार में सनसनीखेज वारदात: शौच के लिए गई महिला को बनाया हवस का शिकार, गैंगरेप के बाद की हैवानियत; प्राइवेट पार्ट से गोली मिलने के दावे से सनसनी

Bihar Crime News: बेगूसराय के चकिया थाना क्षेत्र में एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म और गंभीर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Bihar Crime News
© Reporter
Mukesh Srivastava
5 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय जिले के चकिया थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसके निजी अंग में बाहरी वस्तुएं डाल दीं। इलाज के दौरान महिला के निजी अंग से लकड़ी का टुकड़ा बरामद होने का दावा किया गया है, जबकि परिजनों का कहना है कि इससे पहले एक कारतूस भी निकला था। हालांकि कारतूस मिलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


पीड़िता के अनुसार, घटना 11 जून की देर रात करीब 12:30 बजे की है। वह घर से शौच के लिए बाहर निकली थी, तभी तीन से अधिक लोगों ने उसे पकड़ लिया, मुंह बांध दिया और कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद 12 जून को महिला को इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिनों तक उसका उपचार चला। 15 जून को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह घर लौट गई। पीड़िता का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उसके निजी अंग में लगातार असहनीय दर्द होने लगा। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने दोबारा उसे अस्पताल पहुंचाया।


गुरुवार को सदर अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला के निजी अंग से लकड़ी का एक टुकड़ा बरामद होने की बात सामने आई। वहीं परिजनों का दावा है कि इससे पहले एक कारतूस भी निकला था। इस दावे की जांच पुलिस और चिकित्सकीय टीम द्वारा की जा रही है। इस घटना को लेकर पीड़िता के पति ने चकिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने रामू महतो, सूरज कुमार और नीतीश महतो को नामजद आरोपी बनाते हुए दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।


पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी देने वे पहले चकिया थाना पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि बाद में मेडिकल जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। डीएसपी दुर्गा शक्ति ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर तीन नामजद एवं दो अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे एवं डीएसपी-2 दुर्गा शक्ति सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़िता से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बाद में स्वयं एसपी मनीष कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे और सिविल सर्जन सहित चिकित्सकों से मामले की जानकारी प्राप्त की।


सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने बताया कि पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या थाना स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।


इधर, सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची पीड़िता को न तो व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई और न ही स्ट्रेचर। परिजनों को उसे सहारा देकर अस्पताल परिसर में एक भवन से दूसरे भवन तक ले जाना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल एवं फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। इसलिए जांच पूरी होने तक सभी आरोपों और दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

बेगूसराय से हरेराम दास की रिपोर्ट..

रिपोर्टिंग
H

रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता