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बेतिया में बाघ का आतंक: गन्ने के खेत में नीलगाय को बनाया शिकार, गांव में दहशत का माहौल

बेतिया के भंगहा गांव में बाघ ने गन्ने के खेत में नीलगाय को शिकार बनाया। वन विभाग ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। वही ग्रामीणों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी गयी है। बाघ के आतंक से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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बाघ को पकड़ने में जुटी वन विभाग की टीम
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BETIAH: बेतिया के भंगहा गांव के सरेह स्थित गन्ने के खेत में बाघ ने नीलगाय को अपना शिकार बनाया। इस घटना से पूरे इलाके में भय का माहौल है। मंगलवार सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में नीलगाय का क्षत-विक्षत शव को देखा, जिसके आसपास बाघ के पैरों के निशान मिले। इस दृश्य को देखते ही गांव में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।


ग्रामीणों ने बताया कि नीलगाय के शव के पास स्पष्ट रूप से बाघ के पंजों के निशान दिख रहे थे, जिससे बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होती है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस बात की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनज़र क्षेत्र की घेराबंदी की।


वन कर्मियों ने बाघ के पदचिह्नों और उसकी गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू कर दिया है, ताकि उसकी दिशा और वर्तमान लोकेशन का पता लगाया जा सके। मंगुराहा वन क्षेत्र के रेंजर सुनील पाठक ने बताया कि ग्रामीणों से बाघ के देखे जाने और नीलगाय को शिकार बनाए जाने की पुख्ता जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि बाघ के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रयास है कि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया जाए।


एहतियात के तौर पर वन विभाग ने ग्रामीणों से खेतों में अकेले न जाने, बच्चों और मवेशियों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की। वहीं प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से इलाके में गश्त बढ़ा दी है।


हालांकि वन विभाग की सक्रियता के बावजूद ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि बाघ दोबारा गांव की ओर रुख न कर ले। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर है और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट

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