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कमर में पिस्टल किसने रखी?' वायरल वीडियो पर डीएसपी ने दी सफाई, कहा..बदमाशों ने पुलिस पर तानी थी बंदूक

बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान वायरल वीडियो पर पुलिस ने सफाई दी है। डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा कि वीडियो भ्रामक है और कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर हथियार तान दिए थे। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी

बिहार न्यूज
वायरल वीडियो को डीएसपी ने भ्रामक बताया
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

BEGUSARAI: बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव से दो कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी द्वारा एक आरोपी की कमर में पिस्टल डालते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे। मामले ने तूल पकड़ने के बाद बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस का पक्ष मीडिया के सामने रखा और वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।


डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत 20 जून को बरियारपुर गांव में बच्चों के आपसी विवाद से हुई थी। बच्चों के बीच शुरू हुआ झगड़ा बाद में दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष जब शिकायत करने दूसरे पक्ष के घर पहुंचा तो वहां मौजूद एक महिला ने गांव के कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह को फोन कर बुला लिया। इसके बाद दोनों मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए थे, जिसके आधार पर बलिया थाना में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।


डीएसपी के अनुसार शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि सोनू और मोनू अपने घर के समीप मौजूद हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि जब टीम ने कार्रवाई शुरू की तो दोनों आरोपियों ने पुलिस को देखकर हथियार निकाल लिए और पुलिस दल पर पिस्टल तानकर धमकी देने लगे। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद किए गए।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वायरल वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो भ्रामक है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने या किसी अपराधी को बचाने का काम नहीं करती। छापेमारी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर हथियार तान दिए थे, जिसके बाद संघर्ष के दौरान उनसे हथियार छीने गए। वायरल वीडियो उसी कार्रवाई के एक हिस्से को अलग तरीके से प्रस्तुत कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास है।


हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद कई लोग पुलिस के दावों पर सवाल भी उठा रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। ऐसे में पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बावजूद यह मामला बहस का विषय बना हुआ है।


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी क्षेत्र के शातिर अपराधी हैं। सोनू सिंह के खिलाफ बलिया थाना समेत विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, फायरिंग और आर्म्स एक्ट सहित 11 आपराधिक मामले, जबकि मोनू सिंह के खिलाफ 9 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है, वहीं वायरल वीडियो और पुलिस के दावों को लेकर लोगों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता