1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 07, 2026, 9:41:36 AM
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BIHAR NEWS : बिहार में लागू शराबबंदी कानून की सख्ती के दावों के बीच बेगूसराय से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बछवाड़ा थाना क्षेत्र के शिशवा प्राथमिक विद्यालय में शराब माफिया का ऐसा कारनामा उजागर हुआ है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। यहां एक चौथी कक्षा के मासूम बच्चे ने शराब को कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
घटना सोमवार दोपहर की है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई। जब शिक्षकों और अन्य छात्रों ने ध्यान दिया तो उसके मुंह से तेज शराब की गंध आ रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई। खोजबीन के दौरान जो सामने आया, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
विद्यालय परिसर के एक पुराने और जर्जर शौचालय को शराब माफिया ने अवैध गोदाम बना रखा था। वहां से पुलिस ने करीब 12 कार्टन विदेशी शराब बरामद की। यह स्पष्ट हो गया कि शराब को स्कूल में छिपाकर रखा गया था और इसी दौरान बच्चे ने उसे कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया।
सूचना मिलते ही बछवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शराब को जब्त कर लिया। पुलिस अब इस मामले में संलिप्त लोगों की पहचान करने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कोई स्थानीय कारोबारी सरकारी भवन का दुरुपयोग कर अवैध शराब का कारोबार चला रहा था।
इधर, बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर है, लेकिन यह घटना एक बड़े हादसे का संकेत दे रही थी।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. मुरसलीन ने बताया कि छुट्टी के बाद वे घर चले गए थे। बाद में ग्रामीणों से सूचना मिली कि स्कूल के शौचालय में भारी मात्रा में शराब रखी गई है और एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई है। सूचना मिलते ही वे स्कूल पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। बावजूद इसके, स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान का इस्तेमाल अवैध शराब के भंडारण के लिए किया जाना, कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब माफिया और पुलिस के बीच मिलीभगत के कारण ही ऐसे धंधे फल-फूल रहे हैं। उनका कहना है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इस तरह से खुलेआम स्कूल परिसर में शराब रखना संभव नहीं है।
बेगूसराय की यह घटना न सिर्फ शराबबंदी की सच्चाई उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि बच्चों की सुरक्षा तक से समझौता किया जा रहा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।