BEGUSARAI: 2021 में बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मुजफ्फरा की तत्कालीन वार्डन रिंकू कुमारी की संदिग्ध मौत का चर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। उच्च न्यायालय पटना के आदेश के बाद गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने मामले की दोबारा जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने एसआईटी के साथ घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर जांच से जुड़े हर पहलू की गहन समीक्षा की।
आईजी विकास वैभव एसआईटी के अन्य अधिकारियों के साथ विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उस कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां 4 अप्रैल 2021 को वार्डन रिंकू कुमारी का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। इसके अलावा विद्यालय परिसर, कक्षाओं, छत तक जाने वाले रास्ते, सुरक्षा व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। जांच टीम ने मौके पर मौजूद विद्यालय के गार्ड अजीत कुमार उर्फ बबलू से भी घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में आईजी विकास वैभव ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर उनके नेतृत्व में इस मामले का पुनः अनुसंधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मृतका की पुत्री तेजस्विनी कुमारी द्वारा दायर रिट याचिका के आधार पर न्यायालय ने दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। एसआईटी अब पूरे मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।
आईजी ने बताया कि घटना के बाद प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था और वर्ष 2024 में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर दी थी। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब केस डायरी, सभी दस्तावेज, वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक पहलू और गवाहों के बयान नए सिरे से खंगाले जा रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
इस दौरान मृतका की पुत्री तेजस्विनी कुमारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी मां ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। उन्होंने करीब 15 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद का उल्लेख करते हुए कौशल रोहित पर हत्या की आशंका जताई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसआईटी में बेगूसराय क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार सिन्हा, विशेष निगरानी इकाई के पुलिस उपाधीक्षक अशोक झा, बगहा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी निहार भूषण, पूर्वी मुजफ्फरपुर के पुलिस पदाधिकारी अलय वत्स तथा पुलिस निरीक्षक कुमार अभिनव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान सदर डीएसपी-2 कुमारी दुर्गा शक्ति, वीरपुर थानाध्यक्ष राजू रंजन कुमार तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।
करीब पांच वर्ष पुराने इस बहुचर्चित मामले में एसआईटी की सक्रियता को जांच का अहम मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुनः जांच में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले की गुत्थी आखिरकार सुलझ पाएगी।





